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AI शेयरों में बिकवाली से क्वांट फंड्स का अगस्त के बाद सबसे खराब प्रदर्शन

Summary
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली के कारण एल्गोरिदम-आधारित क्वांट हेज फंड्स ने हाल के हफ्तों में अपने साल-दर-साल के मुनाफे का एक चौथाई हिस्सा खो दिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में हालिया बिकवाली ने क्वांटिटेटिव हेज फंड्स को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उन्होंने लगभग एक साल में अपना सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया है। गोल्डमैन सैक्स के एक नोट के अनुसार, इन फंड्स ने अपने साल-दर-साल के मुनाफे का एक चौथाई हिस्सा खो दिया है।
प्रदर्शन में भारी गिरावट
गोल्डमैन सैक्स ने बुधवार को जारी अपने नोट में बताया कि एल्गोरिदम का उपयोग करके बाजार के रुझानों पर दांव लगाने वाले सिस्टमैटिक मैनेजर, जिन्हें क्वांट फंड भी कहा जाता है, को हाल के हफ्तों में बड़ा झटका लगा है।
- 22 जून को इन फंड्स का साल-दर-साल (YTD) रिटर्न 14.4% था।
- हालिया बिकवाली के बाद यह घटकर अब 10.8% रह गया है।
- यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी इक्विटी, विकसित एशियाई बाजारों के शेयरों और कुछ हद तक यूरोपीय शेयरों के खिलाफ लगाए गए दांव के कारण हुई।
यह नुकसान ऐसे समय में हुआ है जब चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी अस्थिरता ने पहले से ही कारोबारी माहौल को मुश्किल बना दिया था।
फंड्स की रणनीति और बाजार पर असर
Adन केवल क्वांट फंड, बल्कि स्टॉक-पिकिंग पर ध्यान केंद्रित करने वाले फंडामेंटल मैनेजर भी इस बिकवाली से प्रभावित हुए। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, इसी अवधि में उन्हें 2.2% का नुकसान हुआ, हालांकि उनका YTD रिटर्न अभी भी 15.5% पर सकारात्मक बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन स्टॉक-पिकर्स ने AI से संबंधित ट्रेड्स से "आक्रामक रूप से" बाहर निकलना शुरू कर दिया, जो पहले उनके लिए मुनाफे का एक बड़ा स्रोत थे। इस सामूहिक निकासी के कारण हेज फंड्स का लीवरेज (उधार का पैसा) पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जो उनकी कारोबारी गतिविधियों में बड़ी कमी का संकेत है।
नियामक चिंताएं और व्यापक संदर्भ
बैंक ऑफ इंग्लैंड, बैंक ऑफ जापान और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) जैसे नियामक कुछ समय से टेक सेक्टर में ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। माइक्रोन टेक्नोलॉजी, इंटेल और मार्वेल टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों के शेयरों में अकेले 2026 में लगभग 200% की बढ़ोतरी देखी गई है।
नियामकों ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि वित्तीय बाजारों में हेज फंड्स की बढ़ती भूमिका अस्थिरता और जोखिम को बढ़ा रही है। एसएंडपी ग्लोबल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में क्वांट फंड्स सबसे बड़े हेज फंड्स का लगभग 10% हिस्सा थे।