Story
DEI विवाद: न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी रोजगार एजेंसी पर जवाबी मुकदमा दायर किया

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी समान रोजगार अवसर आयोग (EEOC) के खिलाफ एक जवाबी मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एजेंसी ने समाचार पत्र के खिलाफ गैरकानूनी रूप से जवाबी कार्रवाई की है। टाइम्स का दावा है कि यह मुकदमा उसकी विविधता, समानता और समावेशन (DEI) नीतियों के कारण नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की आलोचनात्मक कवरेज के कारण दायर किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को मैनहट्टन की संघीय अदालत में दायर अपनी याचिका में, न्यूयॉर्क टाइम्स ने EEOC के मुकदमे को खारिज करने की मांग की है। समाचार पत्र ने तर्क दिया है कि एजेंसी की कार्रवाई अमेरिकी संविधान के तहत उसके स्वतंत्र भाषण (free speech) और उचित प्रक्रिया (due process) के अधिकारों का उल्लंघन करती है।
टाइम्स के वकीलों ने फाइलिंग में लिखा, "आयोग द्वारा टाइम्स को लक्षित करने के लिए अपने अधिकार का प्रतिशोधात्मक, दुर्भावनापूर्ण उपयोग... एक स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस तथा हमारे लोकतंत्र के लिए एक अनूठा और घातक खतरा पैदा करता है।" समाचार पत्र ने इस बात से इनकार किया कि उसकी विविधता संबंधी आकांक्षाओं ने भर्ती के फैसले में कोई भूमिका निभाई।
EEOC का मूल मुकदमा
EEOC ने मई में न्यूयॉर्क टाइम्स के खिलाफ एक श्वेत पुरुष कर्मचारी, ब्रायंट रूसो की ओर से मुकदमा दायर किया था। 11 वर्षों से टाइम्स के कर्मचारी रहे रूसो ने 2025 की शुरुआत में डिप्टी रियल एस्टेट एडिटर के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई।
Adएजेंसी का आरोप है कि टाइम्स ने एक कम योग्य बहुरंगी (multiracial) महिला उम्मीदवार को पदोन्नत करने के लिए रूसो को नजरअंदाज किया, जो कि कंपनी के DEI लक्ष्यों का हिस्सा था। टाइम्स ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चयनित उम्मीदवार रूसो की तुलना में पद के लिए अधिक अनुभवी और बेहतर योग्य थीं।
व्यापक संदर्भ और प्रभाव
यह कानूनी लड़ाई अमेरिका में कार्यस्थल पर DEI नीतियों पर बढ़ती जांच का हिस्सा है। EEOC पहले से ही नाइकी (Nike) और नॉर्थवेस्टर्न म्यूचुअल लाइफ इंश्योरेंस (Northwestern Mutual Life Insurance) जैसी कंपनियों में विविधता प्रयासों की जांच कर रहा है।
यह मामला ऐसे समय में आया है जब पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने DEI पहलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और टाइम्स के खिलाफ $15 बिलियन का एक अलग मानहानि का मुकदमा भी दायर किया हुआ है। इस कानूनी टकराव के नतीजे यह तय कर सकते हैं कि अमेरिकी कंपनियां अपनी भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं में विविधता को कैसे प्राथमिकता देती हैं, जिसका कॉर्पोरेट जगत पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।