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एयर फ़ोर्स वन की लागत बढ़ने से बोइंग को दूसरी तिमाही में उम्मीद से ज़्यादा घाटा

Summary
विमान निर्माता कंपनी बोइंग को दूसरी तिमाही में अनुमान से अधिक घाटा हुआ है, जिसका मुख्य कारण एयर फ़ोर्स वन प्रतिस्थापन कार्यक्रम पर बढ़ा हुआ खर्च है। हालांकि, इस झटके के बावजूद कंपनी ने सकारात्मक फ्री कैश फ्लो दर्ज किया।
विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) ने मंगलवार को दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से ज़्यादा घाटे की सूचना दी, जिसका मुख्य कारण इसके एयर फ़ोर्स वन प्रतिस्थापन कार्यक्रम पर एक बड़ा चार्ज लेना है। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने सकारात्मक फ्री कैश फ्लो उत्पन्न किया, जो इसके पुनरुद्धार योजनाओं में प्रगति का संकेत देता है।
तिमाही के वित्तीय आंकड़े
कंपनी ने दूसरी तिमाही में $428 मिलियन का शुद्ध घाटा दर्ज किया। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, प्रति शेयर 76 सेंट का मुख्य घाटा विश्लेषकों के 30 सेंट प्रति शेयर के औसत अनुमान से कहीं ज़्यादा था। हालांकि, यह पिछले साल की समान अवधि में हुए $1.24 प्रति शेयर के घाटे से कम है, जो साल-दर-साल सुधार को दर्शाता है।
घाटे का एक बड़ा कारण नए अमेरिकी राष्ट्रपति विमानों, यानी एयर फ़ोर्स वन, के निर्माण कार्यक्रम पर लिया गया $280 मिलियन का चार्ज था। कंपनी के अनुसार, यह चार्ज बढ़े हुए इंजीनियरिंग खर्चों को कवर करने के लिए था ताकि विमानों की डिलीवरी 2028 तक सुनिश्चित की जा सके।
कैश फ्लो में सुधार और आउटलुक
Adघाटे के बावजूद, बोइंग के लिए एक सकारात्मक संकेत यह रहा कि कंपनी ने $631 मिलियन का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। यह पिछले साल की दूसरी तिमाही में $200 मिलियन के नेगेटिव कैश फ्लो के मुकाबले एक बड़ा सुधार है। कंपनी ने इसका श्रेय उम्मीद से बेहतर ग्राहक भुगतानों को दिया है।
इस प्रदर्शन के आधार पर, बोइंग ने पूरे साल के लिए अपने $1 अरब से $3 अरब के फ्री कैश फ्लो के अनुमान को बनाए रखा है। यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो यह 2023 के बाद कंपनी का पहला सकारात्मक वार्षिक परिणाम होगा। कंपनी अपने सबसे ज़्यादा बिकने वाले 737 MAX नैरो-बॉडी जेट्स का उत्पादन भी बढ़ा रही है।
एयर फ़ोर्स वन प्रोजेक्ट की चुनौतियाँ
एयर फ़ोर्स वन कार्यक्रम बोइंग के लिए लगातार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। 2018 में हस्ताक्षरित $3.9 बिलियन का यह फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट अब अपने निर्धारित समय से चार साल पीछे है और बजट से $1 बिलियन से अधिक हो चुका है। फिक्स्ड-प्राइस अनुबंध का मतलब है कि लागत में किसी भी वृद्धि का बोझ बोइंग को ही उठाना पड़ता है। इसके अलावा, कंपनी दक्षिण कैरोलिना में 787 उत्पादन और सेंट लुइस क्षेत्र में सैन्य जेट उत्पादन के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार करने हेतु पूंजी निवेश भी बढ़ा रही है।