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AI की बढ़ती मांग: एयरोस्पेस उद्योग युवा प्रतिभाओं के लिए संघर्षरत

एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग युवा प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकी क्षेत्र शीर्ष इंजीनियरिंग स्नातकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इस प्रतिभा पलायन के कारण उद्योग में कुशल पेशेवरों की कमी गहरा गई है, जिससे भविष्य के विकास और नवाचार पर असर पड़ने का खतरा है।
प्रतिभा की गंभीर कमी
ट्रेड ग्रुप ADS के अनुसार, अकेले ब्रिटेन के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में प्रति वर्ष लगभग 10,000 विशेष इंजीनियरों की कमी है। यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि उद्योग की मौजूदा श्रमशक्ति उम्रदराज हो रही है। रॉयल एयरोनॉटिकल सोसाइटी की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि:
- ब्रिटेन में 50% से अधिक लाइसेंस प्राप्त एयरोस्पेस इंजीनियर 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
- 30 वर्ष से कम आयु के इंजीनियरों का हिस्सा 10% से भी कम है।
यह जनसांख्यिकीय बदलाव ऐसे समय में आया है जब बोइंग (Boeing) और एयरबस (Airbus) जैसी प्रमुख कंपनियों के पास रिकॉर्ड ऑर्डर बैकलॉग हैं और उन्हें उत्पादन बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। पिछले एक दशक में ब्रिटेन के इस क्षेत्र में 31% की वृद्धि के बावजूद, प्रतिभा की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं रही है।
AI और टेक से कड़ी प्रतिस्पर्धा
Adइस प्रतिभा संकट का एक मुख्य कारण AI और अन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा है। सलाहकार फर्म द लुंडक्विस्ट ग्रुप के प्रबंध निदेशक जेरोल्ड लुंडक्विस्ट ने बताया कि शीर्ष इंजीनियरिंग कार्यक्रमों से निकलने वाले स्नातक अब बोइंग या एयरबस के बजाय एंथ्रोपिक (Anthropic) या ओपनएआई (OpenAI) जैसी कंपनियों में शामिल होना पसंद कर सकते हैं।
तकनीकी क्षेत्र अक्सर उच्च वेतन और प्रवेश के लिए कम बाधाएं प्रदान करते हैं, जिससे वे युवा इंजीनियरों के लिए अधिक आकर्षक बन जाते हैं। इसके विपरीत, एयरोस्पेस उद्योग में करियर के लिए अक्सर लंबी अवधि की प्रतिबद्धता और विशेष कौशल की आवश्यकता होती है।
युवाओं को आकर्षित करने के प्रयास
इस चुनौती से निपटने के लिए, एयरोस्पेस कंपनियां फ़र्नबरो एयरशो जैसे आयोजनों में भर्ती अभियान तेज कर रही हैं। वे युवाओं को आकर्षित करने के लिए इंजन-बिल्डिंग अभ्यास और 'टॉप गन' जैसे फ्लाइंग डिस्प्ले का उपयोग कर रही हैं। ADS के मुख्य कार्यकारी केविन क्रेवेन का मानना है कि फ्लाइंग टैक्सी और सस्टेनेबिलिटी जैसे नवाचार युवा इंजीनियरों को इस क्षेत्र में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
हालांकि, उद्योग को अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है, खासकर युवा महिलाओं जैसी कम प्रतिनिधित्व वाली प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एयरशो के बाहर भी स्कूलों और कॉलेजों में अधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है ताकि युवा पीढ़ी को इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में शिक्षित किया जा सके। ADS के अनुसार, पिछले साल एयरोस्पेस, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में £46.8 बिलियन ($62.4 बिलियन) का योगदान दिया, जो इसके आर्थिक महत्व को रेखांकित करता है।