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USD/JPY: 1998 के बाद पहले संयुक्त हस्तक्षेप से येन में उछाल, 155 का स्तर महत्वपूर्ण

Summary
अमेरिका और जापान ने 1998 के बाद पहली बार मुद्रा बाजार में संयुक्त रूप से हस्तक्षेप किया, जिससे डॉलर/येन की जोड़ी में भारी गिरावट आई। अब निवेशक बैंक ऑफ अमेरिका द्वारा बताए गए 155 के महत्वपूर्ण स्तर पर नजर रख रहे हैं, जो येन की भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
1998 के बाद पहली बार, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान ने जापानी येन को सहारा देने के लिए मुद्रा बाजारों में संयुक्त रूप से हस्तक्षेप किया है, जिससे USD/JPY जोड़ी कुछ ही दिनों में 163.99 के शिखर से गिरकर 157.47 पर आ गई। यह ऐतिहासिक कदम येन की गिरावट को रोकने के लिए एक गंभीर प्रयास का संकेत देता है, लेकिन बाजार अब इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या यह प्रभाव स्थायी होगा।
ऐतिहासिक हस्तक्षेप का विवरण
यह कार्रवाई 30 जुलाई, 2026 को न्यूयॉर्क के बाजारों में हुई, जब जापान ने बड़े पैमाने पर येन खरीदने का अभियान शुरू किया। इस हस्तक्षेप को अमेरिकी ट्रेजरी की भागीदारी ने ऐतिहासिक बना दिया, जिसे अप्रैल-मई 2026 में जापान के ¥11.7 ट्रिलियन ($72.52 बिलियन) के रिकॉर्ड-खर्च वाले एकल प्रयास के बाद एक आवश्यक कदम के रूप में देखा गया, जो अंततः येन की गिरावट को उलटने में विफल रहा था।
इस संयुक्त कार्रवाई ने बाजार में एक मजबूत संकेत भेजा है, जिससे USD/JPY जोड़ी में लगभग 6 अंकों की तेज गिरावट आई है। हालांकि, तकनीकी संकेतक जैसे कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 27 पर है, जो डीपली ओवरसोल्ड (अत्यधिक बिकवाली) की स्थिति को दर्शाता है, जिससे अल्पकालिक उछाल की संभावना बन सकती है।
बाजार के लिए प्रमुख स्तर
बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के विश्लेषकों ने 155 के स्तर को एक महत्वपूर्ण "निर्णायक बिंदु" के रूप में पहचाना है। इस स्तर पर बाजार की धारणा बदल सकती है और येन की दिशा तय हो सकती है।
Ad- 155 से ऊपर: बाजार में गिरावट पर खरीदारी करने वाले (dip-buyers) हावी रह सकते हैं, और हस्तक्षेप को एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा जाएगा।
- 155 से नीचे: जापानी कॉर्पोरेट हेजर्स डॉलर की बिकवाली शुरू कर सकते हैं, जिससे येन को मजबूत करने वाला एक चक्र शुरू हो सकता है।
- 160 से ऊपर: यदि यह स्तर फिर से टूटता है, तो हस्तक्षेप पर से बाजार का विश्वास उठ सकता है और येन में सट्टा बिकवाली फिर से तेज हो सकती है।
वर्तमान में 157.47 का स्तर इन दोनों महत्वपूर्ण सीमाओं के बीच स्थित है, जो बाजार में एक अनिश्चितता की स्थिति को दर्शाता है।
आगे की राह और मौद्रिक नीति
विश्लेषकों का मानना है कि केवल हस्तक्षेप येन के लिए दीर्घकालिक समाधान नहीं है। येन को स्थायी समर्थन देने के लिए बैंक ऑफ जापान (BOJ) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों के बीच अंतर को कम करना होगा। BOJ ने जून में अपनी ब्याज दर को 1% तक बढ़ाया था और सितंबर में एक और बढ़ोतरी का संकेत दिया है, जो येन के लिए एक सकारात्मक कारक है।
बाजार की अगली बड़ी परीक्षा 7 अगस्त को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के आंकड़े होंगे। यदि अमेरिकी रोजगार के आंकड़े कमजोर आते हैं, तो यह डॉलर को कमजोर करेगा और हस्तक्षेप के प्रभाव को बढ़ाने में मदद करेगा। इसके विपरीत, एक मजबूत आंकड़ा डॉलर-आधारित कैरी ट्रेड को फिर से बढ़ावा दे सकता है, जिससे येन पर दोबारा दबाव बढ़ सकता है।