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यूबीएस ने जापानी येन पर 'न्यूट्रल' रुख बनाए रखा, फेड-बीओजे नीतिगत अंतर का दिया हवाला

वित्तीय सेवा फर्म यूबीएस (UBS) ने जापानी येन पर अपना 'न्यूट्रल' रुख बरकरार रखा है, यह इंगित करते हुए कि हाल के विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप ने मुद्रा को केवल अस्थायी राहत प्रदान की है। फर्म का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान (BOJ) के बीच मौद्रिक नीति में भिन्नता येन पर दबाव बनाए रखेगी।
हस्तक्षेप का असर सीमित
यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हालिया संयुक्त विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप ने USD/JPY (अमेरिकी डॉलर/जापानी येन) जोड़ी पर अंतर्निहित ऊपर की ओर के दबाव को नहीं बदला है। यह दबाव मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख और बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को धीरे-धीरे सख्त करने के कारण है।
नीतिगत अंतर प्रमुख कारक
यूबीएस के अनुसार, USD/JPY में एक स्थायी गिरावट के लिए दो प्रमुख कारकों की आवश्यकता होगी। पहला, अमेरिका से नरम आर्थिक आंकड़े जो फेडरल रिजर्व को अपना रुख नरम करने की अनुमति दें। दूसरा, बैंक ऑफ जापान द्वारा एक अधिक सक्रिय दृष्टिकोण जो येन की स्थिरता में विश्वास बहाल करे।
जब तक ये स्थितियाँ नहीं बनतीं, यूबीएस को उम्मीद है कि USD/JPY जोड़ी एक ऊंचे दायरे में कारोबार करना जारी रखेगी।
Adभविष्य का पूर्वानुमान
यूबीएस ने अपने पूर्वानुमानों में येन के लिए निकट भविष्य में महत्वपूर्ण मजबूती की उम्मीद नहीं जताई है। फर्म ने निम्नलिखित अनुमान जारी किए हैं:
- 2026 के अंत तक: USD/JPY का स्तर 160 तक पहुंच सकता है।
- 2027 के मध्य तक: यह जोड़ी 158 के स्तर पर कारोबार कर सकती है।
यह पूर्वानुमान इस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है कि दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच नीतिगत अंतर निकट भविष्य में मुद्रा जोड़ी के लिए एक प्रमुख चालक बना रहेगा।