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AI पर भारी खर्च से निवेशक चिंतित, कमाई और वैल्यूएशन पर पड़ सकता है असर: ING

आईएनजी (ING) के अनुसार, निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेशों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। AI सेवाओं की मजबूत मांग के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च कंपनियों की कमाई में वृद्धि और वैल्यूएशन मल्टीपल पर दबाव डाल सकता है।
पूंजीगत व्यय और कमाई पर इसका असर
विश्लेषकों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर हो रहे निवेश से कंपनियों की मूल्यह्रास लागत (depreciation costs) बढ़ेगी। इससे प्रति शेयर आय (EPS) की वृद्धि धीमी हो सकती है और शेयर बायबैक की क्षमता कम हो सकती है, जो अब तक इक्विटी वैल्यूएशन को समर्थन देते आए हैं।
इस साल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसका मुख्य कारण AI निवेशों पर भविष्य के रिटर्न को लेकर अनिश्चितता है। 2026 की पहली छमाही के दौरान, माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) 20% और ओरेकल (Oracle) 27% गिरे, जबकि अल्फाबेट (Alphabet) में 14% की तेजी आई।
क्या यह खर्च जायज है?
मौजूदा चिंताओं के बावजूद, AI पर हो रहे खर्च को आर्थिक रूप से उचित माना जा रहा है क्योंकि AI कंप्यूटिंग की मांग उपलब्ध क्षमता से कहीं अधिक है। उदाहरण के लिए, माइक्रोसॉफ्ट वित्त वर्ष 2025 में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग $65 बिलियन का निवेश कर रहा है, जबकि उसका वार्षिक AI राजस्व लगभग $37 बिलियन है।
Adअधिकांश बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां इन निवेशों को अपने ऑपरेटिंग कैश फ्लो के माध्यम से वित्तपोषित करने में सक्षम हैं। हालांकि, मुख्य सवाल यह है कि क्या भविष्य में राजस्व वृद्धि, लाभ मार्जिन और कमाई का विस्तार आज के निवेश के स्तर को सही ठहराएगा।
निवेशकों के लिए प्रमुख जोखिम
बढ़ते पूंजीगत व्यय से फ्री कैश फ्लो कम होने और शेयर पुनर्खरीद सीमित होने की उम्मीद है, खासकर माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) में। यदि AI से राजस्व प्राप्त होने में अपेक्षा से अधिक समय लगता है, तो निवेशक प्रीमियम वैल्यूएशन देने में संकोच कर सकते हैं।
इस मामले में ओरेकल (Oracle) को एक उच्च-जोखिम वाले मामले के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उसके निवेश कार्यक्रम से नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, एनवीडिया (Nvidia) को भी लंबे समय में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और अमेज़ॅन (Amazon) जैसी कंपनियां अपनी दक्षता में सुधार के लिए खुद के AI चिप्स विकसित कर रही हैं।