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एयर इंडिया ड्रीमलाइनर दुर्घटना: जांच रिपोर्ट में कॉकपिट के अंतिम क्षणों का खुलासा

Summary
पिछले साल हुई एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर दुर्घटना की जांच रिपोर्ट ने उड़ान भरने के तुरंत बाद इंजन बंद होने की भयावह घटनाओं का खुलासा किया है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के अनुसार, पायलटों को इस बात का पता नहीं था कि ईंधन की आपूर्ति क्यों कट गई थी।
भारत के हवाई दुर्घटना जांच निकाय द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने पिछले साल की घातक एयर इंडिया दुर्घटना की जांच के अंतिम क्षणों का खुलासा किया है, जिसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर ट्रांसक्रिप्ट से एक भयावह तस्वीर सामने आई है। जांचकर्ताओं ने 12 जून, 2025 को हुई इस घटना का सेकंड-दर-सेकंड का विवरण प्रस्तुत किया है, जो टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों के बंद हो जाने की पुष्टि करता है।
जांच के मुख्य निष्कर्ष
जांच रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद से उड़ान भरने के ठीक बाद, विमान के 180 नॉट्स की अधिकतम गति तक पहुंचने पर, दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच 'रन' (RUN) से 'कटऑफ' (CUTOFF) स्थिति में आ गए। यह घटना केवल एक सेकंड के अंतराल में हुई, जिससे इंजनों को मिलने वाली ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR) से यह भी पता चला कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, जिस पर दूसरे पायलट ने इससे इनकार किया। इस घटना के बाद, विमान ऊंचाई खोने लगा और हवाई अड्डे की परिधि की दीवार को पार करने से पहले ही गिर गया। जांच के हिस्से के रूप में एक मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी भी की गई है और जांच अब अपने अंतिम चरण में है।
टेक-ऑफ के बाद के महत्वपूर्ण 34 सेकंड
Adभारतीय जांचकर्ताओं द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के अंतिम क्षणों का घटनाक्रम इस प्रकार है:
- 08:08:39 GMT - विमान (ड्रीमलाइनर VT-ANB) ने रनवे से उड़ान भरी।
- 08:08:42 GMT - विमान 180 नॉट्स की अधिकतम गति पर पहुंचा। इसके तुरंत बाद, इंजन 1 और इंजन 2 के फ्यूल कटऑफ स्विच 'कटऑफ' स्थिति में चले गए।
- 08:08:47 GMT - दोनों इंजनों की गति न्यूनतम निष्क्रिय गति से नीचे चली गई। आपातकालीन हाइड्रोलिक पावर प्रदान करने वाली रैम एयर टरबाइन (RAT) सक्रिय हो गई।
- 08:08:52 GMT - इंजन 1 का फ्यूल कटऑफ स्विच वापस 'रन' स्थिति में आया।
- 08:08:56 GMT - इंजन 2 का फ्यूल कटऑफ स्विच भी 'रन' स्थिति में आया। इंजन के FADEC (फुल अथॉरिटी डुअल इंजन कंट्रोल) सिस्टम ने स्वचालित रूप से री-लाइट और थ्रस्ट रिकवरी का प्रयास किया।
- 08:09:05 GMT - एक पायलट ने "मेडे मेडे मेडे" का संकटकालीन संदेश भेजा।
- 08:09:11 GMT - डेटा रिकॉर्डिंग बंद हो गई।
बाजार और निवेशकों के लिए मायने
यह घटना विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल और कॉकपिट प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह की विस्तृत जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों का एयरलाइन की प्रतिष्ठा, परिचालन प्रक्रियाओं और बीमा देनदारियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। निवेशक और उद्योग विश्लेषक बोइंग (निर्माता) और एयर इंडिया (ऑपरेटर) दोनों पर इसके संभावित वित्तीय और नियामक प्रभाव का आकलन करने के लिए जांच के अंतिम निष्कर्षों का इंतजार करेंगे।