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अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की घोषणा के बाद सोने में उछाल, कीमतें $4,500 के पार

Summary
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की पुनर्खरीद बढ़ाने की अप्रत्याशशित घोषणा के बाद सोने की कीमतों में पिछले छह महीनों की सबसे बड़ी तेजी देखी गई। इस कदम से ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में गिरावट आई, जिससे कीमती धातु $4,500 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर पहुंच गई।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि की उधारी लागत को कम करने के लिए एक अप्रत्याशित कदम उठाने के बाद सोने की कीमतों में पिछले छह महीनों की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है। इस घोषणा के बाद, हाजिर सोने की कीमतें 4% से अधिक बढ़कर $4,500 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर स्थिर हो गईं, जिससे निवेशकों में एक नए बुल रन की उम्मीद जगी है।
ट्रेजरी का हस्तक्षेप और बाज़ार की प्रतिक्रिया
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह 10 से 30 साल की अवधि वाले अमेरिकी सरकारी बॉन्ड के लिए अपने "लिक्विडिटी सपोर्टिव बायबैक ऑपरेशन" के आकार को "कम से कम दोगुना" करेगा। यह कदम तब उठाया गया जब अमेरिकी सार्वजनिक ऋण पहली बार $40 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर गया और लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे।
इस घोषणा का बाज़ार पर तत्काल प्रभाव पड़ा:
- 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 9 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 5.19% पर आ गई, जो पिछले साल अक्टूबर के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट है।
- 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटकर 4.65% रह गई।
- अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.8% की गिरावट आई, जिससे अन्य मुद्रा धारकों के लिए डॉलर में मूल्यांकित सोना सस्ता हो गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी बॉन्ड बाज़ार को आधिकारिक समर्थन का एक मजबूत संकेत है। यह वैश्विक वित्तीय स्थितियों में नरमी ला सकता है, जिससे बिना ब्याज वाले सोने को रखने की अवसर लागत कम हो जाती है।
Adवॉल स्ट्रीट का नजरिया और भविष्य की संभावनाएं
बैंक ऑफ अमेरिका और डॉयचे बैंक सहित वॉल स्ट्रीट के कई बड़े वित्तीय संस्थानों का मानना है कि सोना एक नई संरचनात्मक तेजी के दौर में प्रवेश कर रहा है। उनकी राय का आधार यह है कि बढ़ता सरकारी घाटा, लगभग $1.4 ट्रिलियन का ब्याज भुगतान, और कॉर्पोरेट बॉन्ड की मांग लंबी अवधि की पूंजी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा रही है, जिससे यील्ड पर दबाव पड़ रहा है। जब उच्च यील्ड वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा बन जाती है, तो नीति निर्माताओं को हस्तक्षेप करना पड़ता है, जिससे डॉलर की वास्तविक क्रय शक्ति कम हो जाती है और सोना एक आकर्षक बचाव बन जाता है।
हालांकि, फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स कुछ हद तक आक्रामक रुख दिखाते हैं, जिसमें कुछ अधिकारियों ने मुद्रास्फीति नियंत्रित न होने पर दरें बढ़ाने का समर्थन किया। इसके अलावा, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव से ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो फेड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकता है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों में $3,900 के स्तर तक की गिरावट भी देखी जा सकती है।
आगे की राह
विभिन्न विश्लेषकों ने सोने के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जो $4,900 से लेकर $6,000 प्रति औंस तक हैं। सैक्सो बैंक के अनुसार, ट्रेजरी का यह कदम भले ही कुल ऋण की तुलना में छोटा हो, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण संकेत है जो डॉलर को कमजोर कर सकता है और सोने की तेजी को और समर्थन दे सकता है। निवेशकों के लिए, $4,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण पुष्टि क्षेत्र बना हुआ है। यदि ट्रेजरी के समर्थन से वास्तविक यील्ड कम रहती है और डॉलर कमजोर बना रहता है, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है।