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अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक बॉन्ड यील्ड कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर

Summary
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी ट्रेजरी और यूरोजोन बॉन्ड यील्ड कई हफ्तों के उच्चतम स्तर के पास बने हुए हैं, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं।
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों में नाटकीय वृद्धि के बाद गुरुवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई हफ्तों के उच्च स्तर के पास बनी रही, जबकि यूरोजोन यील्ड एक महीने के अपने उच्चतम स्तर पर रही। इस घटनाक्रम ने फिक्स्ड-इनकम बाजारों में शांति की अवधि को समाप्त कर दिया है और निवेशकों को मुद्रास्फीति के जोखिमों का फिर से मूल्यांकन करने के लिए मजबूर किया है।
प्रमुख बाजारों में यील्ड की स्थिति
बॉन्ड की कीमतों के विपरीत चलने वाली यील्ड में तेज उछाल देखा गया है। बुधवार की वैश्विक बिकवाली के दौरान प्रमुख बॉन्ड यील्ड अपने हाल के शिखर पर पहुंच गए।
- अमेरिकी ट्रेजरी: 2-वर्षीय ट्रेजरी नोट यील्ड, जो मौद्रिक नीति की उम्मीदों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, 4.2% के करीब रही। वहीं, वैश्विक उधार लागत के लिए बेंचमार्क माने जाने वाले 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट की यील्ड 4.58% के आसपास मजबूती से बनी रही, जो बुधवार को 4.60% के स्तर को पार कर गई थी।
- यूरोजोन बॉन्ड: जर्मनी का 2-वर्षीय यील्ड 2.66% पर रहा, जो लगभग एक महीने का उच्चतम स्तर है। यूरोजोन की बेंचमार्क, 10-वर्षीय बंड यील्ड, 3.06% के करीब रही, जो मई के अंत के बाद का उच्चतम स्तर है।
भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतें
यील्ड में यह अचानक उछाल तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौते को "समाप्त" घोषित कर दिया, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य शिपिंग लेन पर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से अमेरिकी हवाई हमले हुए। इस घटनाक्रम ने फिक्स्ड-इनकम बाजारों के सहज माहौल को भंग कर दिया, जो पहले यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के नीति निर्माताओं की संतुलित टिप्पणियों से प्रेरित था।
Adभू-राजनीतिक चिंता को बढ़ाते हुए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में एक साथ तेज उछाल आया है, जो सीधे तौर पर उच्च बॉन्ड यील्ड में तब्दील हो रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आपूर्ति में व्यवधान के खतरे ने, जहां से वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, तेल की कीमतों में भारी वृद्धि की है।
निवेशकों और बाजार पर प्रभाव
तेल की कीमतों में निरंतर वृद्धि से लागत-जनित मुद्रास्फीति (cost-push inflation) की लहर आने का खतरा है, खासकर यूरोप में जहां ऊर्जा की कीमतें विनिर्माण और परिवहन के लिए एक प्राथमिक इनपुट हैं। इसके परिणामस्वरूप, निवेशक तेजी से मुद्रास्फीति के जोखिम को अपनी गणना में शामिल कर रहे हैं।
बढ़ती मुद्रास्फीति बॉन्ड से मिलने वाले निश्चित भुगतान की क्रय शक्ति को कम कर देती है, जिससे शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह की मैच्योरिटी वाले बॉन्ड्स में तेज बिकवाली होती है। यहां तक कि फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के मिनट्स, जिनसे पता चला था कि नीति निर्माता भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता पर बंटे हुए थे, भी इस भू-राजनीतिक झटके से मिली राहत को कायम नहीं रख सके।