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AI में भारी निवेश से बिग टेक के फ्री कैश फ्लो पर पड़ रहा है दबाव

Summary
माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनियां AI में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, जिससे उनके फ्री कैश फ्लो में कमी आ रही है। एक विश्लेषण के अनुसार, 2027 तक इन कंपनियों का पूंजीगत व्यय उनके कैश फ्लो से अधिक हो सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश की होड़ अमेरिकी की दिग्गज टेक कंपनियों के लिए दोधारी तलवार साबित हो रही है। जहां एक ओर AI से राजस्व बढ़ने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, वहीं इसके लिए किए जा रहे भारी-भरकम खर्च की वजह से उनके फ्री कैश फ्लो पर दबाव बढ़ रहा है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
बढ़ता खर्च और घटता कैश फ्लो
LSEG के आम सहमति अनुमानों के रॉयटर्स विश्लेषण के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, अमेजन, मेटा प्लेटफॉर्म्स और ओरेकल जैसी "हाइपरस्केलर्स" कंपनियों का संयुक्त पूंजीगत व्यय (capex) 2027 तक उनके द्वारा उत्पन्न फ्री कैश फ्लो से अधिक हो सकता है। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 से 2027 के बीच ये कंपनियां लगभग $340 बिलियन का अतिरिक्त ऑपरेटिंग कैश फ्लो उत्पन्न करेंगी, लेकिन इसी अवधि में उनका कैपेक्स $534 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि हर $1 के अतिरिक्त कैश फ्लो के लिए $1.57 का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।
यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि फ्री कैश फ्लो किसी भी कंपनी की वित्तीय मजबूती का एक महत्वपूर्ण पैमाना होता है। यह वह नकदी है जो कंपनी अपने सभी खर्चों को पूरा करने के बाद शेयरधारकों को लाभांश या बायबैक के रूप में लौटाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है।
निवेशकों की चिंता और बाजार का प्रदर्शन
जब ये कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी, तो निवेशक इस बात के संकेत तलाशेंगे कि क्या क्लाउड और AI से होने वाली राजस्व वृद्धि इस भारी खर्च की भरपाई कर सकती है। हाल के दिनों में इन कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन से चिंताएं जाहिर होती हैं। AI की शुरुआती रैली का नेतृत्व करने के बावजूद, अल्फाबेट को छोड़कर बाकी सभी हाइपरस्केलर्स ने पिछले एक साल में S&P 500 से कमतर प्रदर्शन किया है।
फ्यूचरम इक्विटीज के मुख्य बाजार रणनीतिकार शे बोलोर के अनुसार, "निवेशक इस बात को कम आंक रहे हैं कि AI बिग टेक के बिजनेस मॉडल को कितनी मौलिक रूप से बदल रहा है।" उन्होंने कहा कि पहले इन कंपनियों को "एसेट-लाइट" माना जाता था, लेकिन AI उन्हें एक हाइब्रिड मॉडल की ओर धकेल रहा है जहां भारी भौतिक बुनियादी ढांचे पर निर्भरता बढ़ रही है।
Adकंपनियों की स्थिति: ओरेकल पर सबसे ज्यादा दबाव
अलग-अलग कंपनियों के आंकड़े इस दबाव को और स्पष्ट करते हैं:
- माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही में $35.8 बिलियन का ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया, जबकि उसका पूंजीगत व्यय $37.5 बिलियन रहा।
- अमेजन (Amazon): पहली तिमाही में इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो 30% बढ़कर $148.5 बिलियन हो गया, लेकिन फ्री कैश फ्लो घटकर सिर्फ $1.2 बिलियन रह गया।
- ओरेकल (Oracle): निवेशकों की चिंता ओरेकल को लेकर सबसे ज्यादा है, जिसके शेयर इस साल अब तक 36% गिर चुके हैं और इसका फ्री कैश फ्लो निगेटिव हो गया है। कंपनी का कैपेक्स उसके ऑपरेटिंग कैश फ्लो के मुकाबले 2022 में 47% से बढ़कर 2026 में 174% हो गया है।
आगे की राह
विश्लेषकों का मानना है कि अगर खर्च इसी तरह बढ़ता रहा और AI से कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई, तो कंपनियों के शेयर बायबैक कार्यक्रम खतरे में पड़ सकते हैं। विनथ्रॉप कैपिटल मैनेजमेंट के वरिष्ठ ट्रेडर फ्रेडी लैवरिक ने कहा, "अगले दो से तीन वर्षों में, कंपनियों को यह दिखाना होगा कि AI से राजस्व बढ़ रहा है, मार्जिन में सुधार हो रहा है और कैश फ्लो बेहतर हो रहा है।" अगर ऐसा नहीं होता है, तो बाजार इस निवेश चक्र पर सवाल उठाना शुरू कर सकता है।