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स्टारबक्स के सीईओ ने बिक्री बढ़ाई, अब निवेशकों की नज़र मार्जिन सुधार पर

स्टारबक्स के सीईओ ब्रायन निकोल के दो साल के कार्यकाल में कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे ग्राहक वापस लौटे हैं। हालांकि, इस पुनरुद्धार की रणनीति के कारण लागत बढ़ने से कंपनी के मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है, और अब निवेशकों का ध्यान लाभप्रदता बढ़ाने पर केंद्रित हो गया है।
बिक्री में वापसी, लेकिन मार्जिन पर दबाव
सितंबर 2024 में जब निकोल ने पदभार संभाला था, तब स्टारबक्स की तुलनीय बिक्री में लगातार तीन तिमाहियों से गिरावट आ रही थी। उनकी "बैक टू स्टारबक्स" रणनीति के तहत, ग्राहक संतुष्टि पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें स्टोर सुधार और स्टाफिंग पर करोड़ों डॉलर खर्च किए गए।
इस रणनीति के नतीजे दिखने लगे हैं और 28 जून को समाप्त हुई वित्तीय तीसरी तिमाही में बिक्री में 7.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जो सुधार की लगातार चौथी तिमाही थी। हालांकि, इन निवेशों का असर मार्जिन पर पड़ा है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, दो साल पहले की समान तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन 15.8% था, जो अब घटकर 12.9% रह गया है। उत्तरी अमेरिका में यह गिरावट और भी अधिक रही है।
भविष्य की रणनीति और निवेशकों का प्रदर्शन
निकोल की नियुक्ति की घोषणा के बाद से स्टारबक्स के शेयरों में 30% की वृद्धि हुई है। हालांकि, यह इसी अवधि में एसएंडपी 500 इंडेक्स की लगभग 40% की बढ़त से कम है। निवेशक अब बिक्री में वृद्धि को मुनाफे में बदलते देखना चाहते हैं।
Adकंपनी ने अब लागत में कटौती की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भविष्य की रणनीति में शामिल हैं:
- वित्तीय वर्ष 2027 तक लागत-कटौती के लक्ष्यों से जुड़े कार्यकारी स्टॉक अवार्ड्स।
- सैकड़ों स्टोर्स को बंद करना और कॉर्पोरेट कार्यालयों में नौकरियों में कटौती।
- चीन में परिचालन का पुनर्गठन, जहाँ कम लागत वाले प्रतिस्पर्धियों से चुनौती मिल रही है।
चुनौतियां और विश्लेषकों का नजरिया
स्टारबक्स के सामने अभी भी कई चुनौतियां हैं, जिनमें अमेरिका में बरिस्ता यूनियन के साथ पहले श्रम अनुबंध पर बातचीत और अगस्त में उपभोक्ताओं द्वारा बहिष्कार का आह्वान शामिल है।
इसके बावजूद, विश्लेषक कंपनी के पुनर्गठन को लेकर सकारात्मक हैं। नॉर्थकोस्ट रिसर्च के विश्लेषक जिम सैंडरसन के अनुसार, यह पुनर्गठन ब्रांड को "मजबूत बिक्री वृद्धि को लाभ वृद्धि में बदलने के लिए अच्छी स्थिति में रखता है।" निवेशकों का मानना है कि भले ही बदलाव की प्रक्रिया महंगी रही हो, लेकिन यह भविष्य में स्थायी मुनाफे की नींव रख सकती है।