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अल नीनो से सॉवरेन रेटिंग्स पर तत्काल खतरा नहीं: एसएंडपी ग्लोबल

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Jul 29, 20262 min read
अल नीनो से सॉवरेन रेटिंग्स पर तत्काल खतरा नहीं: एसएंडपी ग्लोबल

Summary

एसएंडपी ग्लोबल के एक शीर्ष विश्लेषक के अनुसार, अल नीनो घटना से देशों की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट की संभावना नहीं है, जब तक कि यह बहुत गंभीर न हो या सरकारें महंगी राजकोषीय नीतियों के साथ प्रतिक्रिया न दें।

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Background

रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के अनुसार, अल नीनो (El Niño) मौसम की घटना अपने आप में देशों की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में गिरावट का कारण बनने की संभावना नहीं है। एजेंसी का मानना है कि जब तक यह घटना अप्रत्याशित रूप से गंभीर न हो या सरकारें बड़े पैमाने पर खर्चीले उपायों के साथ प्रतिक्रिया न दें, तब तक रेटिंग पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

रेटिंग के लिए सरकारी नीतियां होंगी निर्णायक

एसएंडपी के एक शीर्ष विश्लेषक, जॉयदीप मुखर्जी के अनुसार, रेटिंग पर प्रभाव केवल अल नीनो से होने वाले आर्थिक व्यवधान के पैमाने पर ही नहीं, बल्कि इस पर भी निर्भर करेगा कि प्रभावित देशों की सरकारें इसके परिणामों का प्रबंधन कैसे करती हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ या सूखे से होने वाली अस्थायी आर्थिक रुकावट को रेटिंग आमतौर पर झेल सकती है।

असली जोखिम सरकारों की नीतिगत प्रतिक्रिया (policy response) से उत्पन्न होता है। मुखर्जी ने समझाया, "यदि प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक छोटी राजकोषीय प्रतिक्रिया होती है, तो यह एक बात है।" लेकिन बिजली या ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण जैसे व्यापक उपाय अतिरिक्त राजकोषीय दबाव पैदा कर सकते हैं और एक अलग वित्तीय समस्या को जन्म दे सकते हैं।

सरकारों के सामने यह विकल्प होता है कि वे आर्थिक लागत का एक हिस्सा घरों और व्यवसायों द्वारा वहन करने दें, या उच्च सार्वजनिक खर्च, बढ़े हुए घाटे और कर्ज के माध्यम से इसका एक बड़ा हिस्सा खुद वहन करें। यही नीतिगत निर्णय रेटिंग्स के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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आर्थिक झटकों से निपटने की क्षमता

एसएंडपी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कुछ अर्थव्यवस्थाएं मौसम संबंधी झटकों को झेलने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।

  • लचीली विनिमय दरें (Flexible exchange rates) वाले देश झटकों को बेहतर ढंग से अवशोषित कर सकते हैं। कोलंबिया और पेरू जैसे देशों का उदाहरण दिया गया, जहां आर्थिक प्रभाव "पर्याप्त" हो सकता है।
  • जिन अर्थव्यवस्थाओं की अपनी मुद्रा नहीं है, जैसे कि इक्वाडोर (जो डॉलर का उपयोग करता है), उनके पास झटके के बाद प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए कम नीतिगत उपकरण होते हैं।

फिलहाल, एसएंडपी को यह उम्मीद नहीं है कि अल नीनो के कारण रेटिंग में गिरावट की कोई लहर आएगी। हालांकि, एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस घटना के पैमाने को लेकर अभी भी काफी अनिश्चितता बनी हुई है।

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