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नेस्ले की 'फ्रेंकस्टीन' सामग्री वाली छवि बदलने की कोशिश, अमेरिका में सरल खाद्य लेबलिंग के लिए लॉबिंग

खाद्य और पेय पदार्थ बनाने वाली दिग्गज कंपनी नेस्ले, अमेरिकी नियामकों से खाद्य लेबल पर सामग्री के लिए सरल और आम भाषा के उपयोग की अनुमति देने के लिए लॉबिंग कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन उपभोक्ताओं को आकर्षित करना है जो जटिल वैज्ञानिक नामों वाली सामग्री को "फ्रेंकस्टीन फूड" मानकर उनसे बचते हैं।
सरल लेबलिंग की मांग क्यों?
आजकल उपभोक्ता खाद्य उत्पादों को खरीदने से पहले उनकी सामग्री सूची की बारीकी से जांच कर रहे हैं और अपरिचित या अत्यधिक प्रसंस्कृत (processed) लगने वाली सामग्री से बच रहे हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेस्ले चाहती है कि पैकेजिंग पर "एस्कॉर्बिक एसिड" जैसे वैज्ञानिक नामों के बजाय "विटामिन सी" जैसे आम नामों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए। इसी तरह, "बीटा-कैरोटीन" को विटामिन ए के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है।
नेस्ले के एक पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी ने रॉयटर्स को बताया, "कभी-कभी अमेरिका में हमें जिस तरह से सामग्री का वर्णन करना पड़ता है, उससे ऐसा लगता है जैसे यह फ्रेंकस्टीन भोजन हो।" उन्होंने कहा कि हकीकत में, यह एक प्राकृतिक घटक है जिसके लिए उपभोक्ताओं के पास एक सामान्य शब्द होता है। इनोवा मार्केट इनसाइट्स की एक रिपोर्ट में पाया गया कि उत्तरी अमेरिका में लगभग तीन-चौथाई उपभोक्ता सामग्री सूची के कारण अपनी खरीदारी पर पुनर्विचार करते हैं।
उद्योग के प्रयास और नियामक प्रतिक्रिया
Adयह प्रयास सिर्फ नेस्ले तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह खाद्य उद्योग में एक व्यापक बदलाव का हिस्सा है। अमेरिकन्स फॉर इंग्रीडिएंट ट्रांसपेरेंसी और इंटरनेशनल फूड एडिटिव्स काउंसिल जैसे उद्योग समूह भी इस बदलाव की वकालत कर रहे हैं। इन समूहों में नेस्ले के अलावा कोका-कोला, पेप्सिको और कारगिल जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। उनका तर्क है कि तकनीकी नाम उत्पादों को गलत तरीके से बदनाम करते हैं, भले ही वे सामग्रियां सुरक्षित और व्यापक रूप से उपयोग की जाती हों।
नेस्ले के प्रौद्योगिकी प्रमुख, स्टीफन पाल्ज़र ने पुष्टि की कि कंपनी व्यापार संघों के माध्यम से लेबल को कम जटिल बनाने के लिए लॉबिंग में लगी हुई है। अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे "अमेरिकियों को उनके द्वारा खरीदे और उपभोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करने के तरीकों पर खाद्य उद्योग के हितधारकों के साथ जुड़ना जारी रखते हैं।"
संभावित चिंताएं और आगे की राह
मौजूदा अमेरिकी नियमों के तहत अक्सर तकनीकी शब्दों का उपयोग आवश्यक होता है, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। इसके विपरीत, यूरोप में लेबलिंग का नियम सामग्री के उपयोग के उद्देश्य पर निर्भर करता है। हालांकि, कुछ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिवक्ताओं का तर्क है कि कम वैज्ञानिक लेबलिंग भ्रामक हो सकती है और बड़ी खाद्य कंपनियों के लिए अपने उत्पादों में एडिटिव्स (additives) के बारे में अपारदर्शी होना आसान बना सकती है। यह लॉबिंग प्रयास उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता और "क्लीन लेबल" उत्पादों की मांग को दर्शाता है, जिसका खाद्य उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है।