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वॉलर के नरम संकेतों से वैश्विक बॉन्ड बिकवाली थमी, यील्ड्स में गिरावट

फेडरल रिजर्व के एक प्रभावशाली अधिकारी के नरम संकेतों के बाद, वैश्विक सरकारी बॉन्ड बाजारों में लगातार दो दिनों से राहत देखी जा रही है, जिससे हाल की तेज बिकवाली पर लगाम लगी है। इस बदलाव से अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजारों में बेंचमार्क उधार लागत (यील्ड्स) अपने कई वर्षों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई है।
बाजार को मिली राहत
फेडरल रिजर्व गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर की टिप्पणियों के बाद बाजार की धारणा में सुधार हुआ। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बुधवार को 5.0% के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचने के बाद गिरकर 4.761% पर आ गया, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव कम हुआ।
- जर्मनी: मौद्रिक नीति के प्रति संवेदनशील 2-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2.957% पर स्थिर रहा, जबकि 10-वर्षीय बंड यील्ड गिरकर 3.357% पर आ गया, जो इस सप्ताह 2011 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
- जापान: 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड एक सप्ताह के निचले स्तर 2.900% पर आ गया, जो पहले 3.000% के ऐतिहासिक उच्च स्तर को पार कर गया था।
- ऑस्ट्रेलिया: हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई बॉन्ड बाजार इस प्रवृत्ति के विपरीत रहा, जहाँ 10-वर्षीय यील्ड 5.163% के आसपास, यानी 15 साल के उच्चतम स्तर के करीब बना रहा। यह ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक द्वारा आगे भी मौद्रिक सख्ती की आशंकाओं के कारण है।
बिकवाली के पीछे के कारण
शुक्रवार को बाजार स्थिर होने से पहले, वैश्विक बॉन्ड बाजार इस साल के सबसे अस्थिर दौर से गुजरे थे। निवेशकों को कई व्यापक आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ा, जिनमें शामिल हैं:
- भू-राजनीतिक तनाव: फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को $90 प्रति बैरल से ऊपर धकेल दिया, जिससे मुद्रास्फीतिजनित मंदी (stagflation) की चिंताएं फिर से बढ़ गईं।
- केंद्रीय बैंकों का आक्रामक रुख: प्रमुख केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने संकेत दिया था कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अभी और काम करना बाकी है, जिससे वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गईं।
- कॉर्पोरेट बॉन्ड की भारी आपूर्ति: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड जुटाने हेतु तकनीकी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर बॉन्ड जारी किए गए, जिसने सरकारी बॉन्ड पर दबाव डाला।
- सुरक्षित निवेश के रूप में कमजोरी: पारंपरिक रूप से सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी ट्रेजरी, जर्मन बंड और जापानी सरकारी बॉन्ड में निवेशकों ने बिकवाली की और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से बचाव के लिए नकदी और कमोडिटी का रुख किया।
Adवॉलर के बयानों ने बदला माहौल
इस बिकवाली का महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब फेडरल रिजर्व गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने कहा कि हाल के आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि मुद्रास्फीति में कमी की आंतरिक गति बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो वह 15-16 सितंबर की फेड बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में होंगे।
उनके बयान न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स की पहले की "देखो और इंतजार करो" की रणनीति की अपील के अनुरूप थे। इन टिप्पणियों के बाद, व्यापारियों ने इस महीने 25 बेसिस पॉइंट्स की दर वृद्धि की संभावना को इस सप्ताह की शुरुआत के लगभग 68% से घटाकर 50% कर दिया।
आगे की राह: नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर नजर
हालांकि बॉन्ड की कीमतों को अस्थायी समर्थन मिला है, लेकिन विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार को जारी होने वाले अगस्त के अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट से पहले यह राहत नाजुक बनी हुई है। निवेशक इस रोजगार रिपोर्ट और अगले सप्ताह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा को केंद्रीय बैंक की नीति के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखेंगे।
यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं, तो यह वॉलर के नरम रुख का समर्थन करेगा और बॉन्ड बाजार की रैली को आगे बढ़ा सकता है। इसके विपरीत, एक मजबूत रिपोर्ट आक्रामक दर वृद्धि की आशंकाओं को फिर से हवा दे सकती है, जिससे वैश्विक बेंचमार्क यील्ड्स फिर से दशकों के उच्च स्तर पर पहुंच सकते हैं।