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चिप सेक्टर में बंपर मुनाफे का अनुमान, पर बढ़ती अस्थिरता ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

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Jul 20, 20263 min read
चिप सेक्टर में बंपर मुनाफे का अनुमान, पर बढ़ती अस्थिरता ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

Summary

विश्लेषकों का अनुमान है कि चिप निर्माता कंपनियां दूसरी तिमाही में मुनाफे में भारी वृद्धि दर्ज करेंगी, लेकिन हालिया बाजार अस्थिरता और निवेशकों की घबराहट इस सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन गई है।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण चिप निर्माता कंपनियां दूसरी तिमाही में मुनाफे में भारी उछाल दर्ज करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वॉल स्ट्रीट पर इस सेक्टर को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। शेयरों में हालिया तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या मजबूत तिमाही नतीजे भी बाजार की मौजूदा गिरावट को थामने के लिए पर्याप्त होंगे।

मुनाफे में असाधारण वृद्धि की उम्मीद

LSEG के आंकड़ों के अनुसार, एसएंडपी 500 (S&P 500) में शामिल सेमीकंडक्टर और सेमी-इक्विपमेंट कंपनियों का मुनाफा दूसरी तिमाही में साल-दर-साल 133% बढ़ने का अनुमान है। यह अनुमान इस सेक्टर के महत्व को रेखांकित करता है, क्योंकि उम्मीद है कि यह समूह एसएंडपी 500 की कुल आय वृद्धि में लगभग 44% का योगदान देगा। इसकी तुलना में, एसएंडपी 500 की सभी कंपनियों के लिए कुल मिलाकर 26% की लाभ वृद्धि का अनुमान है।

इस सप्ताह इंटेल (Intel) और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स (Texas Instruments) जैसी प्रमुख अमेरिकी चिप निर्माता कंपनियां अपने नतीजे जारी करने वाली हैं। हालांकि, एनविडिया (Nvidia) के नतीजे अगस्त के अंत में आएंगे।

बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की चिंता

मुनाफे की शानदार उम्मीदों के बावजूद, चिप शेयरों में हाल ही में भारी अस्थिरता देखी गई है।

  • फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (PHLX) इस साल अब तक 65% बढ़ चुका है, जबकि एसएंडपी 500 में केवल 9% की बढ़त हुई है।
  • हालांकि, जुलाई में यह इंडेक्स 18% गिर गया है और अपने जून के उच्चतम स्तर से 20% से अधिक नीचे आ चुका है।

हाल के कुछ नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया ने भी धारणा में बदलाव का संकेत दिया है। पिछले हफ्ते, दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर, ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग (TSMC) ने तिमाही मुनाफे में 77% की बढ़ोतरी दर्ज की, फिर भी उसके शेयरों में गिरावट आई। इसी तरह, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) ने भी जब दूसरी तिमाही के ऑपरेटिंग मुनाफे में 19 गुना वृद्धि की सूचना दी, तो उसके शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।

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अस्थिरता के पीछे के कारण

बाजार विशेषज्ञ इस अस्थिरता का श्रेय कई कारकों को देते हैं। एआई को लेकर शुरुआती उत्साह अब कुछ हद तक ठंडा पड़ गया है और निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं यह मांग उम्मीद से ज्यादा तो नहीं बढ़ाई गई है। चेरी लेन इन्वेस्टमेंट्स के पार्टनर रिक मेक्लर ने कहा, "इतनी बड़ी कंपनियों के लिए दैनिक उतार-चढ़ाव चौंकाने वाले हैं।"

विश्लेषकों ने खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और लीवरेज्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) को भी अस्थिरता बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारक माना है। ये फंड्स बाजार के उतार-चढ़ाव को और बढ़ा देते हैं। इसी के जवाब में, दक्षिण कोरिया के वित्तीय नियामक ने हाल ही में सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड ईटीएफ से जुड़ी अस्थिरता को कम करने के लिए उपायों की घोषणा की है।

आगे का दृष्टिकोण

इस सेक्टर के लिए आगे की राह नतीजों और कंपनियों के भविष्य के अनुमानों पर बहुत अधिक निर्भर करेगी। सिनोवस ट्रस्ट के पोर्टफोलियो मैनेजर डैनियल मॉर्गन के अनुसार, एक सकारात्मक संकेत यह है कि चिप्स की मांग अब डेटा सेंटरों से आगे बढ़कर औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरलेस संचार और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ रही है।

हालांकि, हैंडसेट में इस्तेमाल होने वाले चिप्स का बाजार अभी भी कमजोर बना हुआ है। चूंकि चिप सेक्टर का एसएंडपी 500 की वृद्धि में इतना बड़ा योगदान है, इसलिए यदि नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो इसका असर पूरे शेयर बाजार पर पड़ सकता है और आने वाले समय में व्यापक बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

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