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CFM इंटरनेशनल को LEAP-1B जेट इंजन के ड्यूरेबिलिटी अपग्रेड के लिए मिली विनियामक मंजूरी

Summary
जीई एयरोस्पेस और सैफरन के संयुक्त उद्यम CFM इंटरनेशनल को LEAP-1B इंजन अपग्रेड के लिए अमेरिकी और यूरोपीय नियामकों से प्रमाणन मिल गया है। इस कदम से भारत जैसे कठोर वातावरण में परिचालन करने वाली एयरलाइनों के लिए इंजन की सर्विसिंग के बीच का समय दोगुना हो जाएगा।
जीई एयरोस्पेस (GE Aerospace) और सैफरन एयरक्राफ्ट इंजन्स (Safran Aircraft Engines) के 50-50 संयुक्त उद्यम, CFM इंटरनेशनल को अपने LEAP-1B एयरक्राफ्ट इंजन के लिए महत्वपूर्ण ड्यूरेबिलिटी अपग्रेड के लिए अमेरिकी और यूरोपीय नियामकों से प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस कदम का उद्देश्य विशेष रूप से मध्य पूर्व और भारत जैसे कठोर परिचालन वातावरण में एयरलाइनों के लिए इंजन के 'टाइम ऑन विंग' (servicing के बीच का समय) को दोगुना करना है।
अपग्रेड का विवरण
CFM इंटरनेशनल ने शनिवार को घोषणा की कि उसे यू.एस. फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) से दो प्रमुख अपग्रेड के लिए प्रमाणन मिला है:
- हाई-प्रेशर टरबाइन (HPT) ड्यूरेबिलिटी किट: यह इंजन के स्थायित्व को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- रिवर्स ब्लीड सिस्टम: यह एक कूलिंग तकनीक है जो फ्यूल नोजल बदलने की आवश्यकता को कम करती है और रखरखाव की जरूरतों को घटाती है, जिससे सर्विसिंग की आवश्यकताएं इसके व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले CFM56 इंजनों के करीब आ जाती हैं।
एयरलाइंस और बाजार पर असर
इन अपग्रेड्स का सबसे बड़ा फायदा एयरलाइंस के लिए परिचालन लागत में कमी लाना है। CFM के मुख्य कार्यकारी गेल मेहेस्ट (Gaël Méheust) के अनुसार, ये सुधार इंजन के 'शॉप विजिट' (विस्तृत रखरखाव) के बीच के अंतराल को बढ़ाएंगे।
Adयह उन एयरलाइनों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो भारत जैसे मांग वाले और कठोर वातावरण में काम करती हैं। इंजन के लंबे समय तक विमान पर लगे रहने से एयरलाइंस अपनी परिचालन दक्षता में सुधार कर सकती हैं और विमान के डाउनटाइम को कम कर सकती हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उत्पादन और पिछला संदर्भ
कंपनी ने बताया कि अपग्रेड किए गए हार्डवेयर का उत्पादन औद्योगीकृत किया जा रहा है और इसका पूर्ण उत्पादन 2027 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है।
यह प्रमाणन LEAP-1A फ्लीट में किए गए सफल अपग्रेड के बाद आया है। मौजूदा LEAP-1A इंजनों में से लगभग 70% अब रिवर्स ब्लीड सिस्टम के साथ काम करते हैं और लगभग 40% में HPT ड्यूरेबिलिटी किट स्थापित है, जो इस तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शाता है।