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ब्रेंट क्रूड $100 के पार, लेकिन कीमतें और ज़्यादा क्यों नहीं बढ़ीं? जानिए कारण

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Sep 11, 20262 min read
ब्रेंट क्रूड $100 के पार, लेकिन कीमतें और ज़्यादा क्यों नहीं बढ़ीं? जानिए कारण

Summary

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार चला गया है। हालांकि, आपूर्ति के वैकल्पिक मार्ग और चीन से मांग में कमी जैसे कारक कीमतों में और बड़ी बढ़ोतरी को रोक रहे हैं।

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Background

मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने की आशंकाओं के बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड बुधवार को जुलाई के बाद पहली बार $100 प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि, तेल शिपमेंट में और व्यवधान के डर के बावजूद, कीमतों में यह तेजी अपेक्षाकृत धीमी रही है।

आपूर्ति की मौजूदा स्थिति

तेल के सबसे बड़े स्वतंत्र ट्रेडर विटोल (Vitol) के सीईओ रसेल हार्डी ने सिंगापुर में एक सम्मेलन में बताया कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व से लगभग 90 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) कच्चे तेल और 10 लाख bpd रिफाइंड उत्पादों का निर्यात हुआ है। यह ईरान युद्ध शुरू होने से पहले के लगभग 2 करोड़ बैरल के कुल निर्यात की तुलना में काफी कम है, जो बाजार में आपूर्ति की कमी को दर्शाता है।

हालांकि, रायस्टैड एनर्जी (Rystad Energy) के अनुसार, होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से अभी भी महत्वपूर्ण मात्रा में तेल का प्रवाह हो रहा है, जिसने कीमतों को नियंत्रण में रखने में मदद की है।

कीमतों में बड़ी तेजी न आने के प्रमुख कारण

कई ऐसे कारक हैं जो तेल की कीमतों को बहुत अधिक बढ़ने से रोक रहे हैं:

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  • वैकल्पिक निर्यात मार्ग: खाड़ी उत्पादकों ने होरमुज़ के बाहर कार्गो भेजने के लिए वैकल्पिक मार्ग खोज लिए हैं। सऊदी अरामको ने रास तनुरा बंदरगाह से लोडिंग फिर से शुरू कर दी है, और मिस्र के सिदी केरिर बंदरगाह से निर्यात दोगुना हो गया है। इराक, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से भी निर्यात में सुधार देखा गया है।
  • गैर-ओपेक देशों से बढ़ी आपूर्ति: रायस्टैड एनर्जी के संस्थापक जारंड रायस्टैड के अनुसार, अमेरिका, कनाडा और गुयाना जैसे गैर-ओपेक उत्पादक इस साल संयुक्त रूप से उत्पादन में 14 लाख bpd की वृद्धि करने वाले हैं। इसके अलावा, रूसी कच्चे तेल का निर्यात भी स्थिर बना हुआ है।
  • मांग में महत्वपूर्ण गिरावट: रायस्टैड ने कहा कि पेट्रोकेमिकल्स और परिवहन ईंधन में मांग में कमी तीसरी तिमाही में 35 लाख bpd पर बनी हुई है। इसमें आधे से अधिक हिस्सेदारी चीन की है, जिसका कारण इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग और कोयला-आधारित रसायन हैं। शीर्ष आयातक चीन का तेल आयात फरवरी के 1.1 करोड़ bpd से घटकर जुलाई-अगस्त में 70 लाख bpd रह गया।

बाज़ार का नजरिया और भविष्य के अनुमान

भौतिक बाजार एक अलग कहानी बयां करता है, जहां स्पॉट प्रीमियम अप्रैल के स्तर पर वापस आ गया है, जो तंग आपूर्ति का संकेत है। आर्गस (Argus) के मुख्य अर्थशास्त्री डेविड फाइफ ने कहा, "भौतिक रूप से चीजें अविश्वसनीय रूप से तंग हैं... और डीज़ल बाजार में भारी कमी है।"

इस स्थिति को देखते हुए, कई बैंकों ने अपने मूल्य पूर्वानुमान बढ़ा दिए हैं।

  • मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में कीमतें औसतन $100 प्रति बैरल रहेंगी।
  • HSBC ने 2026 और 2027 के लिए ब्रेंट की कीमतों का अनुमान क्रमशः $90 और $85 प्रति बैरल तक बढ़ा दिया है।
  • गोल्डमैन सैक्स ने भी मध्य पूर्व में शिपिंग व्यवधानों के बने रहने की उम्मीद में दिसंबर 2026 और 2027 के लिए अपने पूर्वानुमानों में $5 प्रति बैरल की वृद्धि की है।
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