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अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल, ऊर्जा कीमतों और फेड की टिप्पणियों से बढ़ी बिकवाली

अमेरिकी ट्रेजरी मंगलवार को एक बार फिर भारी बिकवाली के दबाव में आ गए, जिससे बेंचमार्क उधार लागत कई महीनों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। ऊर्जा की कीमतों में उछाल और फारस की खाड़ी में भू-राजनीतिक तनाव ने फिक्स्ड-इनकम बाजारों में मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं को फिर से हवा दे दी है।
बिकवाली के पीछे के प्रमुख कारण
बॉन्ड बाजार में यह गिरावट दो प्रमुख कारकों से प्रेरित है। पहला, कच्चे तेल की बेंचमार्क कीमतों का $84 प्रति बैरल से ऊपर उछलना, जो कई हफ्तों का उच्चतम स्तर है। यह वृद्धि मध्य पूर्व में एक प्रमुख शिपिंग मार्ग को लेकर चल रहे राजनयिक गतिरोध के कारण हुई है, जिससे ऊर्जा-चालित मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ गया है।
दूसरा कारक फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणी है। क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमॉक ने चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति को केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य पर स्थायी रूप से वापस लाने के लिए अभी भी कई ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है। इन टिप्पणियों ने पिछले सप्ताह के कमजोर गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों के बाद दर वृद्धि की उम्मीदों में आई कमी को उलट दिया है।
यील्ड स्तर और बाजार की उम्मीदें
बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख ट्रेजरी यील्ड में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:
Ad- 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: यह 4.73% से ऊपर चढ़ गई, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है।
- 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: लंबी अवधि के इस बॉन्ड पर यील्ड 5.27% से अधिक हो गई।
- 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: यह यील्ड, जो मौद्रिक नीति के प्रति अधिक संवेदनशील है, 4.26% के आसपास अपेक्षाकृत स्थिर रही।
फेड की सख्त टिप्पणियों के बाद, ब्याज दर वायदा बाजार ने अपनी उम्मीदों को समायोजित किया है। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के अनुसार, व्यापारी अब 16 सितंबर की बैठक में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की लगभग 51% संभावना देख रहे हैं, जो एक दिन पहले 44% थी।
आगे की राह और CPI डेटा
अब निवेशकों और बाजार की नजरें बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर टिकी हैं। विश्लेषकों को उम्मीद है कि मुख्य CPI में महीने-दर-महीने 0.2% की वृद्धि होगी। यह रिपोर्ट इस बात का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी कि क्या मुद्रास्फीति का दबाव इतनी तेजी से कम हो रहा है कि फेडरल रिजर्व आगे और मौद्रिक सख्ती से बच सके। इसी तरह की प्रवृत्ति यूरोपीय बाजारों में भी देखी गई, जहां जर्मनी की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 3.198% पर पहुंच गई।