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अमेरिकी नियामकों ने अनधिकृत श्रमिकों को ऋण देने के जोखिमों पर बैंकों को चेताया

तीन प्रमुख अमेरिकी बैंकिंग नियामकों ने एक संयुक्त दिशानिर्देश जारी कर वित्तीय संस्थानों को उन व्यक्तियों को ऋण देने से जुड़े क्रेडिट जोखिमों के प्रति आगाह किया है जो देश में कानूनी रूप से काम करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। यह कदम ऋणदाताओं को अपने मौजूदा जोखिम प्रबंधन दायित्वों की याद दिलाने के लिए उठाया गया है।
नियामक दिशानिर्देश का विवरण
ऑफिस ऑफ द कंट्रोलर ऑफ द करेंसी (OCC), फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (FDIC), और नेशनल क्रेडिट यूनियन एसोसिएशन (NCUA) द्वारा सोमवार को जारी मार्गदर्शन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अनधिकृत रोजगार से आय प्राप्त करने वाले उधारकर्ता उच्च क्रेडिट जोखिम प्रस्तुत कर सकते हैं।
नियामकों के अनुसार, "जब किसी उधारकर्ता की आय ऐसे रोजगार से प्राप्त होती है जो कानूनी रूप से अधिकृत नहीं है, तो पुनर्भुगतान का स्रोत कम विश्वसनीय हो सकता है और इससे क्रेडिट जोखिम बढ़ सकता है।" पुनर्भुगतान की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल हैं:
- गैर-कानूनी स्थिति के कारण नौकरी खोने की संभावना
- कानूनी रोजगार प्राप्त करने में असमर्थता
- संयुक्त राज्य अमेरिका से निष्कासित किया जाना
पृष्ठभूमि और संदर्भ
Adनियामकों ने स्पष्ट किया कि यह मार्गदर्शन गैर-बाध्यकारी है और बैंकों या क्रेडिट यूनियनों के लिए कोई नई आवश्यकताएं नहीं बनाता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मई में हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश को लागू करना है, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों द्वारा वित्तीय सेवाओं के संभावित दुरुपयोग को संबोधित करता है।
यह आदेश ट्रेजरी विभाग और अन्य एजेंसियों को उद्योग के लिए संभावित चेतावनी संकेतों की पहचान करने का निर्देश देता है। यह दृष्टिकोण ट्रम्प प्रशासन द्वारा पहले विचारे गए एक अधिक कठोर उपाय की तुलना में एक सीमित दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें बैंकों को खाताधारकों से नागरिकता डेटा एकत्र करने की आवश्यकता होती।
बैंकों और निवेशकों के लिए निहितार्थ
यह मार्गदर्शन बैंकों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि वे अपनी ऋण हामीदारी (loan underwriting) प्रक्रियाओं की समीक्षा करें और आय स्रोतों के सत्यापन पर अधिक ध्यान दें। जिन संस्थानों के ऋण पोर्टफोलियो में ऐसे उधारकर्ताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, उन्हें अपने जोखिम का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता हो सकती है। निवेशकों को यह देखना चाहिए कि बैंक इस जोखिम को कैसे प्रबंधित करते हैं, क्योंकि इससे भविष्य में ऋण डिफॉल्ट दरों पर असर पड़ सकता है।