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अमेरिका-ईरान तनाव से तेल बाज़ार में उबाल, वैश्विक बाज़ारों पर अनिश्चितता

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Jul 10, 20263 min read
अमेरिका-ईरान तनाव से तेल बाज़ार में उबाल, वैश्विक बाज़ारों पर अनिश्चितता

Summary

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ला दी है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता का माहौल है। निवेशक भू-राजनीतिक जोखिमों और आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

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Background

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में इस सप्ताह नए सिरे से हुई सैन्य कार्रवाइयों ने वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब निवेशक पहले से ही मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की दिशा को लेकर चिंतित हैं।

खाड़ी में बढ़ा भू-राजनीतिक जोखिम

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले और ईरानी तेल पर प्रतिबंधों की छूट वापस लेने के बाद तनाव बढ़ गया। जवाब में, तेहरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो एक संकीर्ण जलमार्ग है, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है और यहाँ किसी भी तरह की रुकावट ऊर्जा बाजारों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरुआत में संघर्ष विराम समझौते को "खत्म" बताया, लेकिन बाद में संकेत दिया कि वह पूर्ण संघर्ष की उम्मीद नहीं करते हैं। इन मिश्रित संकेतों ने बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, और निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या खाड़ी में इस तरह की छिटपुट हिंसा एक नया सामान्य चलन बन सकती है।

वित्तीय बाज़ारों पर प्रभाव

इस तनाव का असर विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों पर देखा गया। बुधवार को कच्चे तेल की कीमतें कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, हालांकि अगले दिन उनमें कुछ नरमी आई। ब्रेंट क्रूड फिलहाल $80 प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है।

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  • तेल बाज़ार: होर्मुज में टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे OPEC+ की उत्पादन कोटा को 188,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने की योजना जटिल हो गई है। अगर आवाजाही फिर से शुरू होती है, तो वैश्विक मांग में अपेक्षित मजबूती न होने के कारण बाज़ार में अतिरिक्त आपूर्ति का खतरा भी है, जैसा कि सऊदी अरब द्वारा कीमतों में छूट देने से संकेत मिलता है।
  • बॉन्ड और इक्विटी: वैश्विक बॉन्ड यील्ड में इस सप्ताह तेजी देखी गई, जिसमें जापान के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 30 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं, इक्विटी बाजारों में, सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव रहा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में 19 गुना मुनाफे के बावजूद गिरावट आई और दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक अस्थायी रूप से मंदड़ियों की गिरफ्त में आ गया।
  • सकारात्मक संकेत: AI को लेकर उत्साह अभी भी मजबूत है, जिसका प्रमाण SK Hynix की $26.5 बिलियन की अमेरिकी शेयर बिक्री को मिला भारी अभिदान है।

वैश्विक परिदृश्य और आगे की राह

भू-राजनीतिक मोर्चे पर, रूस ने अपने घरेलू बाजार को सहारा देने के लिए डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो वैश्विक डीजल बाजार के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जून के मिनट्स से पता चला है कि कुछ अधिकारी "अधिक व्यापक" मूल्य दबावों के कारण तत्काल दर वृद्धि की संभावना देख रहे थे।

अगले सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका के जून महीने के उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर होगी। इसके अलावा, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स और बैंक ऑफ अमेरिका जैसी प्रमुख वित्तीय कंपनियों के नतीजों के साथ अमेरिकी आय का सीजन भी शुरू हो जाएगा। बाज़ार यह देखेगा कि क्या आर्थिक आंकड़ों पर भू-राजनीतिक तनाव हावी रहता है।

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