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एप्पल डेटा एक्सेस पर यूके सरकार की चुप्पी को वकील ने 'हास्यास्पद' बताया

Summary
नागरिक अधिकार समूहों के एक वकील ने कहा कि एप्पल के एन्क्रिप्टेड ग्राहक डेटा तक पहुंचने के सरकारी आदेश पर यूके की 'न तो पुष्टि न ही खंडन' की नीति एक 'तमाशा' बन गई है, जिससे तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच टकराव बढ़ गया है।
नागरिक अधिकार समूहों का प्रतिनिधित्व कर रहे एक वकील ने लंदन की एक अदालत में कहा कि एप्पल (Apple) के ग्राहक डेटा तक पहुंचने के लिए एन्क्रिप्शन को बायपास करने के आदेश पर ब्रिटिश सरकार की चुप्पी एक 'तमाशा' बन गई है। यह मामला दुनिया भर की सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच डेटा गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव को उजागर करता है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद एक सरकारी आदेश के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे तकनीकी क्षमता नोटिस (TCN) के रूप में जाना जाता है। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रिटेन ने पिछले साल जुलाई में यह नोटिस जारी किया था, जिसमें एप्पल से उसके यूके ग्राहकों के एन्क्रिप्टेड क्लाउड बैकअप तक पहुंचने के लिए एक 'बैक डोर' बनाने की मांग की गई थी।
इस मांग के जवाब में, एप्पल और नागरिक अधिकार समूहों, प्राइवेसी इंटरनेशनल (Privacy International) और लिबर्टी (Liberty) ने इन्वेस्टिगेटरी पावर्स ट्रिब्यूनल (IPT) में कानूनी चुनौती दी है। हालांकि, ब्रिटिश सरकार सुरक्षा मामलों पर 'न तो पुष्टि न ही खंडन' (NCND) की नीति का हवाला देते हुए इस नोटिस के अस्तित्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से इनकार कर रही है। गुरुवार की सुनवाई में, अभियान समूहों के वकील बेन जैफी ने सरकार के इस रुख को "हास्यास्पद" बताया, क्योंकि यह जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में है।
गोपनीयता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा
एप्पल और नागरिक अधिकार समूहों का तर्क है कि सरकार की गोपनीयता नीति एक खुली न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करती है और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्वजनिक बहस को रोकती है। एप्पल का मुख्य तर्क यह है कि यदि वह एक सरकार के लिए कोई 'बैक डोर' बनाता है, तो इसे हैकर्स या शत्रुतापूर्ण देशों द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे सभी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा कमजोर हो जाएगी।
Ad- एप्पल की प्रतिक्रिया: इस मांग के जवाब में, एप्पल ने पिछले साल फरवरी में यूके के उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी एडवांस्ड डेटा प्रोटेक्शन सुविधा वापस ले ली थी।
- सरकार का पक्ष: सरकार के वकील नील शेल्डन ने तर्क दिया कि NCND नीति से कोई भी विचलन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि इससे "शत्रुतापूर्ण ताकतों" को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से ऑपरेटर सरकारी निगरानी के अधीन हैं।
निवेशकों और बाजार पर प्रभाव
यह कानूनी लड़ाई निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एप्पल जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए बढ़ते नियामक जोखिमों को दर्शाती है। यदि एप्पल को अपने एन्क्रिप्शन मानकों से समझौता करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे कंपनी की ब्रांड छवि और उपयोगकर्ता के विश्वास को गंभीर नुकसान हो सकता है, जो उसकी प्रमुख संपत्ति है।
इस मामले का नतीजा भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है कि कैसे लोकतांत्रिक देश उपयोगकर्ता की गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा की मांगों के बीच संतुलन बनाते हैं। IPT द्वारा NCND नीति पर फैसला बाद की तारीख में सुनाया जाएगा, जबकि मामले की पूरी सुनवाई अगले साल तक होने की संभावना नहीं है।