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UBS का अनुमान: 2027 की पहली छमाही तक सोना $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है

Summary
स्विस ब्रोकरेज फर्म UBS ने अपने सोने के मूल्य पूर्वानुमान को दोहराया है, जिसमें 2027 की पहली छमाही तक कीमती धातु के $5,000 प्रति औंस तक पहुंचने की उम्मीद है। यह अनुमान घटती वास्तविक पैदावार, डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की मजबूत मांग पर आधारित है।
स्विस वित्तीय सेवा कंपनी UBS ने सोने की कीमतों पर अपने तेजी के दृष्टिकोण को दोहराया है, यह अनुमान लगाते हुए कि 2027 की पहली छमाही तक कीमती धातु $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यह पूर्वानुमान सोने द्वारा हाल ही में $4,250 प्रति औंस के स्तर को पार करने के बाद आया है, जिससे यह $4,000-$4,100 की ट्रेडिंग रेंज से बाहर निकल गया है।
हालिया तेजी के प्रमुख कारण
UBS के रणनीतिकारों के अनुसार, सोने की कीमतों में हालिया उछाल के पीछे कई तात्कालिक कारक हैं। बैंक ने चीनी संस्थागत खरीदारों की ओर से बढ़ी हुई मांग और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में नए सिरे से निवेश प्रवाह को मुख्य वजह बताया है।
इसके अतिरिक्त, UBS ने उल्लेख किया कि येन को स्थिर करने के लिए हालिया संयुक्त अमेरिकी-जापान प्रयासों से अमेरिकी ट्रेजरी की बिकवाली का जोखिम कम हो सकता है। यह विकास सोने के लिए एक अप्रत्यक्ष सहायक कारक के रूप में काम कर रहा है, जो निवेशकों के लिए इसकी अपील को बढ़ाता है।
$5,000 के लक्ष्य के पीछे के संरचनात्मक कारक
UBS का दीर्घकालिक तेजी का दृष्टिकोण तीन मुख्य संरचनात्मक स्तंभों पर आधारित है। बैंक का मानना है कि ये कारक मध्यम से लंबी अवधि में सोने की कीमतों का समर्थन करना जारी रखेंगे।
Ad- वास्तविक पैदावार में गिरावट: UBS को उम्मीद है कि मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम होगी, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2027 में मौद्रिक नीति में ढील दे सकेगा। चूँकि सोना कोई आय नहीं देता है, कम वास्तविक पैदावार इसे रखने की अवसर लागत (opportunity cost) को कम कर देती है, जिससे निवेश की मांग बढ़ती है।
- डॉलर में कमजोरी: अमेरिका के बड़े राजकोषीय और बाहरी घाटे सहित संरचनात्मक चुनौतियाँ मध्यम अवधि में डॉलर में नरमी का संकेत देती हैं। ऐतिहासिक रूप से, एक कमजोर डॉलर सोने के लिए एक शक्तिशाली सकारात्मक कारक (tailwind) रहा है।
- केंद्रीय बैंकों की मांग: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद एक मजबूत मूल्य समर्थन (price floor) प्रदान करती है। यह मांग तब भी स्थिर रही है जब निजी निवेश की मांग कमजोर थी, जिससे बाजार को अस्थिरता से बचाने में मदद मिली है।
निकट-अवधि के जोखिम और दृष्टिकोण
अपने आशावादी पूर्वानुमान के बावजूद, UBS ने आगाह किया है कि $5,000 प्रति औंस तक का सफर उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। बैंक ने कई निकट-अवधि के जोखिमों की पहचान की है जो सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं।
इन जोखिमों में अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े, तेल की ऊंची कीमतों के कारण मुद्रास्फीति की चिंताएं बने रहना, या फेडरल रिजर्व द्वारा अधिक आक्रामक (hawkish) मौद्रिक नीति का संकेत देना शामिल है। ऐसी कोई भी स्थिति फेड की अपेक्षित नीतिगत ढील में देरी कर सकती है, जिससे अल्पावधि में सोना दबाव में आ सकता है। UBS का $5,000 का लक्ष्य हाल के $4,250 के स्तर से लगभग 18% की बढ़त का संकेत देता है।