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तेल की अस्थिरता से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा, बैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी

Summary
बैंक ऑफ अमेरिका ने चेतावनी दी है कि तेल की कीमतों में केवल वृद्धि ही नहीं, बल्कि उनकी अस्थिरता भी मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती है, क्योंकि आपूर्ति संबंधी झटके लगातार बने हुए हैं।
बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने एक चेतावनी जारी की है कि तेल की कीमतों में अस्थिरता, न कि केवल मूल्य स्तर, मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती है। बैंक के अनुसार, यह जोखिम तब पैदा होता है जब कुछ वस्तुओं की कीमतें कच्चे तेल के साथ बढ़ती हैं, लेकिन तेल के दाम गिरने पर वे नीचे नहीं आतीं।
आपूर्ति संबंधी झटके और उनका असर
BofA ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के कारण तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया है। इन घटनाओं के जवाब में, बाजार अब केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं का फिर से मूल्यांकन कर रहे हैं।
बैंक का तर्क है कि तेल की कीमतों की अस्थिरता का अप्रत्यक्ष प्रभाव मुद्रास्फीति को बढ़ाने वाला हो सकता है, खासकर अगर दूसरे दौर के प्रभाव (second-round effects) बने रहते हैं। इसका मतलब है कि ऊर्जा की लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं और वे वहीं बनी रहती हैं।
Adपारंपरिक नीति पर सवाल
बैंक ऑफ अमेरिका ने इस पारंपरिक नीतिगत दृष्टिकोण पर सवाल उठाया है कि आपूर्ति संबंधी झटकों को नजरअंदाज कर देना चाहिए। बैंक ने कहा कि लगातार पांच वर्षों से लक्ष्य से ऊपर चल रही मुद्रास्फीति के बाद यह सवाल और भी प्रासंगिक हो गया है।
विश्लेषकों ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच आपूर्ति संबंधी झटके अब अधिक लगातार और स्थायी होते जा रहे हैं। BofA के अनुसार, इन झटकों की अस्थायी प्रकृति अब अनिश्चित है, इसलिए एक बेहतर जोखिम प्रबंधन के लिए पारंपरिक नीतिगत प्रतिक्रिया से अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता हो सकती है।