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जापानी शेयरों की तेजी से येन में कमजोरी जुड़ी: सिटी

सिटी (Citi) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जापानी इक्विटी बाजारों का ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचना येन में कमजोरी का एक प्रमुख कारण है। बैंक का मानना है कि जापान और विदेश दोनों में निवेशक पुनर्संतुलन (rebalancing) और हेजिंग लेनदेन के लिए येन की बिकवाली कर रहे हैं, जिससे मुद्रा पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इक्विटी बाजार और येन का संबंध
जब जापानी शेयरों में तेजी आती है, तो इन शेयरों में निवेश करने वाले विदेशी और घरेलू निवेशकों के पोर्टफोलियो का मूल्य बढ़ जाता है। सिटी के विश्लेषकों का कहना है कि अपने मुद्रा जोखिम को कम करने (हेजिंग) के लिए, ये निवेशक अक्सर बढ़ी हुई इक्विटी वैल्यू के मुकाबले येन बेचते हैं। यह प्रक्रिया येन की आपूर्ति को बढ़ाती है और इसकी कीमत पर नीचे की ओर दबाव डालती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक जापानी शेयरों में मजबूत बढ़त जारी रहेगी, येन पर दबाव बने रहने की संभावना है। हालांकि, अगर शेयरों में वृद्धि की गति धीमी हो जाती है, तो येन पर दबाव कम हो सकता है क्योंकि निवेशकों के लिए येन-बिकवाली हेजिंग की आवश्यकता कम हो जाएगी।
संभावित उपाय और प्रमुख स्तर
Adसिटी के अनुसार, इस स्थिति में येन की कमजोरी को नियंत्रित करने के दो मुख्य तरीके हो सकते हैं। पहला, बैंक ऑफ जापान (BoJ) अपनी मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण (monetary policy normalization) को आगे बढ़ाए। दूसरा, वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) येन खरीदकर बाजार में हस्तक्षेप करे।
निकट अवधि के लिए, बैंक ने ¥165 प्रति डॉलर को एक महत्वपूर्ण स्तर के रूप में पहचाना है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन मौजूदा दबावों के बावजूद, सिटी का कहना है कि येन के लिए उसका दीर्घकालिक तेजी का दृष्टिकोण काफी हद तक अप्रभावित है, भले ही जापानी इक्विटी में वृद्धि जारी रहे।
व्यापक संदर्भ
येन पर यह दबाव ऐसे समय में आया है जब जापानी स्टॉक इंडेक्स हाल के महीनों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान ने अपनी अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति बनाए रखी है, जबकि अमेरिका सहित अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इस नीतिगत अंतर ने भी डॉलर के मुकाबले येन को कमजोर करने में योगदान दिया है।