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HSBC ने 2026 की दूसरी छमाही के लिए यूके इक्विटी को 'न्यूट्रल' किया, जर्मनी को 'ओवरवेट' में अपग्रेड किया

Summary
HSBC ने 2026 की दूसरी छमाही के लिए अपनी यूरोपीय इक्विटी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें यूके को 'न्यूट्रल' में डाउनग्रेड किया गया है और जर्मनी को 'ओवरवेट' में अपग्रेड किया गया है, जो दोनों देशों के लिए अलग-अलग आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
HSBC ने 2026 की दूसरी छमाही के लिए अपनी यूरोपीय इक्विटी रणनीति में एक महत्वपूर्ण फेरबदल की घोषणा की है, जिसमें यूनाइटेड किंगडम (यूके) की इक्विटी को "ओवरवेट" से घटाकर "न्यूट्रल" कर दिया गया है। इसके विपरीत, ब्रोकरेज ने जर्मन इक्विटी पर अपना दृष्टिकोण बदलते हुए इसे "न्यूट्रल" से बढ़ाकर "ओवरवेट" कर दिया है।
रेटिंग में बदलाव के कारण
HSBC के विश्लेषकों ने कई कारकों के आधार पर अपनी रेटिंग में यह बदलाव किया है। यूके और फ्रांस दोनों को "न्यूट्रल" रेटिंग पर डाउनग्रेड किया गया है।
- यूनाइटेड किंगडम (UK): ब्रोकरेज ने बताया कि यूके के बाजार में ऊर्जा और मैटेरियल्स सेक्टर का अधिक वजन होने के कारण आय के अनुमानों को पार करना अब अधिक चुनौतीपूर्ण है। यह डाउनग्रेड तब भी किया गया है जब महाद्वीप की तुलना में विकास की उम्मीदें बढ़ी हैं और नीतिगत अनिश्चितता कम हुई है।
- फ्रांस: फ्रांस को भी "ओवरवेट" से "न्यूट्रल" कर दिया गया है। इसके पीछे घरेलू गतिविधियों में नरमी, आय अनुमानों की गति में तेज गिरावट और राजनीतिक व राजकोषीय अनिश्चितता को कारण बताया गया है। HSBC के अनुसार, इन कारकों के चलते जोखिम/इनाम का संतुलन अब अधिक बराबर हो गया है।
जर्मनी पर बढ़ा भरोसा
जर्मनी की रेटिंग को "ओवरवेट" में अपग्रेड करने के पीछे HSBC ने कई सकारात्मक संकेत दिए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि जर्मनी में कारोबारी माहौल अपने निचले स्तर से उबर सकता है, जिससे निवेशकों के लिए अवसर पैदा हो रहे हैं।
HSBC ने जर्मनी के लिए इन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
Ad- कारोबारी माहौल में सुधार: मौजूदा दबे हुए स्तरों से कारोबारी माहौल में रिकवरी की संभावना है।
- आय की गति: प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार की गति बेहतर हो रही है।
- मूल्यांकन और प्रोत्साहन: मूल्यांकन (Valuations) में नरमी आ रही है और राजकोषीय प्रोत्साहन का प्रवाह शुरू हो रहा है।
- निवेश की गुंजाइश: पिछले 12 महीनों में FTSE यूरोप इंडेक्स की तुलना में जर्मन बाजार ने काफी कम प्रदर्शन किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों के पास अपना निवेश बढ़ाने की गुंजाइश है।
सेक्टोरल दृष्टिकोण और बाजार का आउटलुक
व्यापक यूरोपीय बाजार के लिए, HSBC ने अपने Stoxx 600 इंडेक्स के लिए वर्ष-अंत 2026 के पूर्वानुमान को 670 पर अपरिवर्तित रखा है, जो जनवरी से स्थिर है। बैंक ने यह भी कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही पिछले तीन वर्षों में सबसे मजबूत दूसरी तिमाही होने की उम्मीद है।
सेक्टर के स्तर पर, HSBC ने इन क्षेत्रों पर अपनी राय बनाए रखी है:
- ओवरवेट: बैंक (विशेष रूप से इटली और स्पेन के बैंक), इंडस्ट्रियल्स (बुनियादी ढांचे और रक्षा में पूंजीगत व्यय चक्र के कारण), और यूटिलिटीज (विद्युतीकरण और डेटा-सेंटर की मांग के कारण)।
- अंडरवेट: कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी (Consumer Discretionary) सेक्टर, विशेष रूप से ऑटो सेक्टर, जिसे चीनी कार निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।