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ईरान-अमेरिका तनाव से दो दिन की गिरावट के बाद सोना स्थिर, मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ा

Summary
दो दिनों की भारी गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में स्थिरता आई। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हुए हमलों ने ऊर्जा लागत बढ़ने का जोखिम पैदा कर दिया है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।
दो दिनों में 3.5% से अधिक की गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में स्थिरता आई। अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों ने ऊर्जा लागत बढ़ने और मुद्रास्फीति के जोखिम को बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर असर
Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने में पहली बार हमलों का आदान-प्रदान हुआ है, जिससे ऊर्जा बाजारों में एक नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। अमेरिकी सेना ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में ठिकानों को निशाना बनाया।
इस तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है। ऊर्जा की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकती हैं, जो फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रखने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए आमतौर पर नकारात्मक होती हैं क्योंकि वे सरकारी बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले निवेश को अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे बिना-ब्याज वाले सोने को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) बढ़ जाती है।
फेडरल रिजर्व की नीति और विश्लेषकों की राय
बाजार के जानकारों का मानना है कि फेडरल रिजर्व आगे भी सख्त रुख अपना सकता है। CME FedWatch टूल के अनुसार, निवेशक अब 15-16 सितंबर की बैठक में फेड द्वारा 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की 60% से अधिक संभावना देख रहे हैं।
AdIG के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक टोनी सायकामोर के अनुसार, पिछले हफ्ते के लगभग $4,697 के उच्च स्तर से हालिया $300 की गिरावट जैक्सन होल में फेड के आक्रामक भाषण और होर्मुज में नए तनाव का मिला-जुला परिणाम है। इस संयोजन ने बॉन्ड यील्ड को ऊपर धकेल दिया है, जिससे फेड की अगली बैठक से पहले सोना कमजोर स्थिति में आ गया है।
अगस्त की मजबूती और तकनीकी दृष्टिकोण
हालिया गिरावट के बावजूद, सोने ने अगस्त में लगभग 10% की बढ़त दर्ज की, जो जनवरी के बाद से इसका सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन था। यह तेजी अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के सरकारी कर्ज की खरीद बढ़ाने की योजना के बाद आई थी, जिसने डॉलर को कमजोर किया और अमेरिकी संप्रभु ऋण और मुद्रा अवमूल्यन (currency debasement) को लेकर चिंताओं को फिर से हवा दी।
हालांकि, फेड के सख्त रुख ने इस तेजी को रोक दिया है। तकनीकी रूप से, सोना अपने महत्वपूर्ण $4,526 के 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया है, जिसे अल्पकालिक कमजोरी का संकेत माना जा रहा है।