Story
अमेरिकी यील्ड और तेल की कीमतों में उछाल से सोना 2% गिरा, फेड की सख्ती का दबाव

Summary
बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों में तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंकाओं के कारण मंगलवार को सोने की कीमतों में लगभग 2% की भारी गिरावट आई।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में उछाल के साथ-साथ फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों के बीच मंगलवार को सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस बहुआयामी दबाव के कारण कीमती धातु ने अपनी हालिया बढ़त का एक बड़ा हिस्सा खो दिया।
बाजार पर चौतरफा दबाव
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारक एक साथ काम कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी समयानुसार सुबह 10:26 बजे तक, हाजिर सोने (XAU/USD) की कीमत लगभग 2% गिरकर $4,360 प्रति औंस पर आ गई, जबकि सोना वायदा 1.6% टूटकर $4,409 पर कारोबार कर रहा था।
इस गिरावट के मुख्य कारण थे:
- बॉन्ड यील्ड में उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर लगभग 4.78% हो गई, जो 2025 की शुरुआत के बाद का उच्चतम स्तर है। उच्च यील्ड गैर-ब्याज वाले सोने को रखने की अवसर लागत को बढ़ा देती है, जिससे यह निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
- तेल की कीमतों में तेजी: अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड $92 प्रति बैरल से ऊपर और अमेरिकी क्रूड $87 प्रति बैरल को पार कर गया, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं फिर से बढ़ गईं।
फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख
Adबाजार की धारणा में बदलाव का एक बड़ा कारण फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श का पिछले हफ्ते दिया गया आक्रामक भाषण था, जिसमें उन्होंने मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर वापस लाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उनके बयान के बाद, बाजार ने दर वृद्धि की उम्मीदों को बढ़ा दिया है।
CME फेडवॉच टूल के अनुसार, अब सितंबर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना लगभग 66% है, जो वॉर्श के भाषण से पहले लगभग 40% थी। हालांकि, अमेरिकी श्रम विभाग की JOLTS रिपोर्ट ने जुलाई में 72.7 लाख नौकरियों के अवसर दिखाए, जो उम्मीद से थोड़ा कम थे, लेकिन फिर भी एक लचीले श्रम बाजार का संकेत देते हैं।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह हालिया गिरावट सोने की अगस्त महीने की लगभग 10% की बढ़त के बाद आई है। अगस्त में यह तेजी अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की खरीद बढ़ाने के अप्रत्याशित कदम से प्रेरित थी, जिसने डॉलर को कमजोर किया और अमेरिकी सरकार के कर्ज को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं।
आईजी (IG) के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक टोनी साइकामोर के अनुसार, फेड के आक्रामक रुख और मध्य पूर्व के तनाव ने मिलकर सोने पर दबाव डाला है। हालांकि, वह मानते हैं कि सोना जून के निचले स्तर $3,942 के आसपास अपना आधार बना चुका है और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाना पसंद करेंगे, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य $5,000 है। निवेशक अब श्रम बाजार के और संकेतों के लिए ADP रोजगार रिपोर्ट और शुक्रवार के नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर बारीकी से नजर रखेंगे, जिससे फेड के अगले कदम का अंदाजा लगाया जा सकेगा।