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होरमुज़ संकट से तेल की कीमतें बढ़ीं, वैश्विक बॉन्ड यील्ड उच्च स्तर पर स्थिर

Summary
ईरान द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने से कच्चे तेल में उछाल आया है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद वैश्विक सरकारी बॉन्ड यील्ड कई हफ्तों के उच्च स्तर के पास स्थिर बनी हुई हैं।
यूरोज़ोन और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड सोमवार को कई हफ्तों के उच्च स्तर के पास स्थिर रहीं, क्योंकि निवेशक मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के खतरे के बीच सरकारी ऋण की सुरक्षित निवेश अपील का आकलन कर रहे हैं।
प्रमुख बाज़ारों में यील्ड का स्तर
सोमवार को प्रमुख सरकारी बॉन्ड बाज़ारों में यील्ड अपने हाल के उच्च स्तर के करीब बनी रही, जो ऊर्जा संकट के कारण उपभोक्ता कीमतों के चिपचिपे बने रहने की बाज़ार की गहरी चिंताओं को दर्शाता है।
- जर्मनी का 10-वर्षीय बंड यील्ड, जो यूरोज़ोन के लिए बेंचमार्क है, 3.05% पर था।
- दर-संवेदी जर्मन 2-वर्षीय यील्ड भी बढ़कर 2.68% पर कारोबार कर रहा था।
- अमेरिका में, 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट यील्ड 4.57% पर स्थिर था।
- 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड, जो फेडरल रिजर्व की दर अपेक्षाओं से निकटता से जुड़ा है, 4.22% पर था।
मुद्रास्फीति का डर बनाम सुरक्षित निवेश की मांग
फिक्स्ड-इनकम बाज़ार में यह स्थिरता ईरान द्वारा सप्ताहांत में की गई घोषणा के बाद आई है, जिसमें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदु, होरमुज़ जलडमरूमध्य को "अगली सूचना तक" बंद कर दिया गया था। इस खबर से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 4.4% की तत्काल वृद्धि हुई, जिससे मुद्रास्फीति की उम्मीदें फिर से केंद्र में आ गईं।
Adआमतौर पर, इस तरह के भू-राजनीतिक संकटों के दौरान निवेशक सुरक्षित सरकारी बॉन्ड की ओर भागते हैं, जिससे यील्ड में गिरावट आती है। हालांकि, इस बार तेल की कीमतों में उछाल से प्रेरित मुद्रास्फीति का दबाव इस गिरावट को रोक रहा है, जिससे यील्ड उच्च स्तर पर बनी हुई है।
बाज़ार का दृष्टिकोण और आगामी घटनाक्रम
यह घटनाक्रम फिक्स्ड-इनकम संपत्तियों के लिए पिछले सप्ताह के भारी बिकवाली के दौर के बाद आया है। पिछले हफ्ते जर्मनी की 10-वर्षीय यील्ड में पांच हफ्तों में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसका कारण मनी मार्केट में यह दांव बढ़ना था कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) को ऊर्जा झटकों का मुकाबला करने के लिए अपनी दर-कटौती के चक्र को रोकना पड़ सकता है।
निवेशक अब प्रमुख केंद्रीय बैंकरों के भाषणों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। ECB के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य इसाबेल श्नाबेल और फेड गवर्नर मिशेल बोमन, जो दोनों ही अपने आक्रामक (hawkish) रुख के लिए जाने जाते हैं, आज बाद में बोलने वाले हैं। उनकी टिप्पणियों से केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीतिगत दिशा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं, खासकर जब जून के महत्वपूर्ण अमेरिकी CPI आंकड़ों का इंतजार है।