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मध्य पूर्व तनाव और मुद्रास्फीति के झटकों से बॉन्ड यील्ड में उछाल, वैश्विक बिकवाली गहरायी

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Sep 1, 20262 min read
मध्य पूर्व तनाव और मुद्रास्फीति के झटकों से बॉन्ड यील्ड में उछाल, वैश्विक बिकवाली गहरायी
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मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और केंद्रीय बैंकों के आक्रामक रुख के कारण मंगलवार को वैश्विक बॉन्ड बाजार में बिकवाली और तेज हो गई। इस ऐतिहासिक बिकवाली ने यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में सरकारी उधार लागत को कई पीढ़ियों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।

प्रमुख बाजारों में यील्ड का उछाल

यूरोप और एशिया के बॉन्ड बाजारों में यील्ड (प्रतिफल) में तेज वृद्धि देखी गई, जिससे बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आई।

  • जर्मनी: नीति-संवेदनशील दो-वर्षीय शेट्ज़ यील्ड बढ़कर 2.936% हो गई, जो जुलाई 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं, 10-वर्षीय बंड यील्ड 3.352% और 30-वर्षीय बंड यील्ड 3.841% पर पहुंच गई, जो 2011 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर हैं।
  • फ्रांस: बढ़ते राजकोषीय घाटे के दबाव के बीच 10-वर्षीय OAT यील्ड बढ़कर 4.15% हो गई, जो नवंबर 2008 के बाद का उच्चतम स्तर है।
  • जापान: बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड 3.000% के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो 1996 के अंत के बाद सबसे अधिक है।

बिकवाली के पीछे के कारण

बाजार की गतिशीलता में एक गहरा बदलाव आया है, जहां निवेशक भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सरकारी बॉन्ड को पारंपरिक "सुरक्षित पनाहगाह" के रूप में नहीं देख रहे हैं। इसके बजाय, बढ़ती ऊर्जा लागत और लगातार उच्च मुद्रास्फीति से प्रेरित स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीतिजनित मंदी) के जोखिमों के कारण निवेशक बॉन्ड की भारी बिकवाली कर रहे हैं।

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फारस की खाड़ी में अमेरिका-ईरान के बीच सीधे सैन्य हमलों ने कच्चे तेल की कीमतों को $90 प्रति बैरल से ऊपर धकेल दिया है। इससे निवेशकों को डर है कि मुद्रास्फीति 2027 तक ऊंची बनी रहेगी, जिसके कारण वे लंबी अवधि के बॉन्ड रखने के लिए काफी अधिक टर्म प्रीमियम की मांग कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में दिए गए भाषण के बाद बिकवाली तेज हो गई, जहां उन्होंने संकेत दिया कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंकों को अभी "और काम करना है"।

आगे का दृष्टिकोण

दुनिया भर की सरकारें रक्षा, ऊर्जा और बजट घाटे को पूरा करने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में कर्ज जारी कर रही हैं। वहीं, केंद्रीय बैंक क्वांटिटेटिव टाइटनिंग के जरिए अपनी बैलेंस शीट को कम कर रहे हैं, जिससे निजी बाजारों के लिए इस अतिरिक्त आपूर्ति को खपाना मुश्किल हो रहा है।

निवेशक अब केंद्रीय बैंक की नीति के अगले कदम का अनुमान लगाने के लिए आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर गड़ाए हुए हैं। यूरोजोन के अगस्त सीपीआई (CPI) आंकड़े और अमेरिका के जेओएलटीएस (JOLTS) जॉब ओपनिंग्स और नॉनफार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट फेडरल रिजर्व के 16 सितंबर के ब्याज दर निर्णय से पहले महत्वपूर्ण होंगे।

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