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ईरान युद्ध से तेल की कीमतें बढ़ीं, यूरोपीय एयरलाइनों पर दिवालियापन और अधिग्रहण का खतरा

Summary
खाड़ी में संघर्ष के कारण ईंधन की लागत बढ़ने से यूरोप की आर्थिक रूप से कमजोर एयरलाइनों के लिए एक बड़े संकट की आशंका है। कई कंपनियां पुनर्गठन, अधिग्रहण या दिवालियापन का सामना कर सकती हैं।
खाड़ी में नए सिरे से बढ़े संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे यूरोप की आर्थिक रूप से कमजोर एयरलाइनों पर दबाव बढ़ गया है। निवेशक और उद्योग के अधिकारी अब एक बड़े बदलाव की आशंका जता रहे हैं, जिसमें कुछ एयरलाइनों के पुनर्गठन, अधिग्रहण या दिवालियापन का सामना करना पड़ सकता है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों का दबाव
मध्य पूर्व में संघर्ष ने जेट ईंधन की लागत को काफी बढ़ा दिया है, जो किसी भी एयरलाइन के खर्च का एक तिहाई से अधिक हो सकता है। इस वजह से वैश्विक एयरलाइन उद्योग ने पिछले महीने अपने 2026 के मुनाफे के पूर्वानुमान को लगभग आधा कर दिया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस लागत वृद्धि ने उन एयरलाइनों की नाजुक बैलेंस शीट को उजागर कर दिया है जो अभी भी महामारी के प्रभाव से उबर रही हैं।
बढ़ते दबाव के कारण, एयरलाइनों ने अपनी विस्तार योजनाओं को सीमित कर दिया है। विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने भी हाल ही में युद्ध और व्यापार तनाव के कारण अपनी 20-वर्षीय यात्री विमान मांग के पूर्वानुमान को संशोधित कर कम कर दिया है। विमानन सलाहकार बर्ट्रेंड ग्राबोव्स्की के अनुसार, "तुर्किश एयरलाइंस जैसे कुछ अपवादों को छोड़कर, अधिकांश वाहक क्षमता बढ़ाने में बहुत सतर्कता बरत रहे हैं।"
संकट में कई एयरलाइनें
बाजार में कई एयरलाइनों की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, जो उन्हें संभावित पुनर्गठन या अधिग्रहण का लक्ष्य बना रही हैं।
Ad- easyJet: ब्रिटिश बजट कैरियर एक अमेरिकी नेतृत्व वाले अधिग्रहण के करीब है, जिससे यह 30 साल पुरानी एयरलाइन निजी हो जाएगी।
- airBaltic: लातविया की यह एयरलाइन डिफॉल्ट से बचने के लिए अल्पकालिक वित्तपोषण की तलाश में है।
- Norse Atlantic: नॉर्वे की इस एयरलाइन ने एक रणनीतिक समीक्षा शुरू की है, और 2021 में अपनी लिस्टिंग के बाद से इसके शेयरों में भारी गिरावट आई है।
- Wizz Air: विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस बजट कैरियर की बैलेंस शीट कमजोर है, जिससे यह समेकन का एक संभावित लक्ष्य बन सकता है।
वित्तीय सलाहकार फर्म इंटरपाथ के बरेमा बोकुम ने रॉयटर्स को बताया, "हम इस समय पूरे यूरोप में पुनर्गठन की स्थितियों पर चार या पांच बहुत बड़ी एयरलाइनों के साथ चर्चा कर रहे हैं।"
उद्योग का भविष्य और विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि अगर गर्मियों के महत्वपूर्ण मौसम में कमजोर एयरलाइनें पर्याप्त नकदी नहीं जुटा पाती हैं, तो सर्दियों तक उनका टिकना मुश्किल हो सकता है। लंदन स्थित विमानन विश्लेषक जेम्स हैलस्टेड के अनुसार, "आमतौर पर एयरलाइनों के पास फरवरी में नकदी खत्म हो जाती है।"
अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के महानिदेशक विली वॉल्श ने जून में कहा था कि अगर ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो कुछ एयरलाइनें या तो कारोबार से बाहर हो जाएंगी या बड़ी कंपनियों द्वारा उनका अधिग्रहण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कुछ वाहकों को इस उच्च ईंधन मूल्य से निपटना बहुत मुश्किल लगेगा।"