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बैंक ऑफ अमेरिका ने Q3 निवेश बैंकिंग फीस में गिरावट का संकेत दिया, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

Summary
बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ ने तीसरी तिमाही में निवेश बैंकिंग शुल्क में 10% से अधिक की गिरावट का अनुमान लगाया है, जिससे पूरे बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में तेज गिरावट आई है।
बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ ब्रायन मोयनिहान ने चेतावनी दी है कि तीसरी तिमाही में निवेश बैंकिंग शुल्क में पिछले साल की तुलना में 10% से अधिक की गिरावट आने की आशंका है, जिससे पूरे बैंकिंग क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी और यूरोपीय बैंकों के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखी गई।
चेतावनी और बाजार पर असर
बार्कलेज ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, मोयनिहान ने कहा कि तीसरी तिमाही (Q3) के लिए निवेश बैंकिंग शुल्क $1.6 बिलियन से $1.8 बिलियन के बीच रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा Q3 2025 में दर्ज $2 बिलियन से काफी कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि बिक्री और ट्रेडिंग राजस्व पिछले साल के $5.4 बिलियन के स्तर पर सपाट रहने की उम्मीद है।
इस चेतावनी के कारण बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया हुई। बैंक ऑफ अमेरिका (BAC) के शेयर 5.14% गिरकर $59.47 पर बंद हुए, जिससे S&P 500 बैंक इंडेक्स में 2.7% की गिरावट आई। गोल्डमैन सैक्स (GS), जेपी मॉर्गन (JPM) और मॉर्गन स्टेनली (MS) जैसे अन्य प्रमुख बैंकों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
एक क्षेत्र-व्यापी चुनौती
यह समस्या केवल बैंक ऑफ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक उद्योग प्रवृत्ति का संकेत देती है। जेफरीज के आंकड़ों के अनुसार, 3 सितंबर तक आठ प्रमुख वैश्विक बैंकों का निवेश बैंकिंग प्रॉक्सी राजस्व पहले से ही साल-दर-साल 15% और दूसरी तिमाही से 27% कम था।
Adइस माहौल में कुछ बैंक दूसरों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं:
- गोल्डमैन सैक्स (GS) और जेपी मॉर्गन (JPM) विलय और अधिग्रहण (M&A) सलाहकार सेवाओं में अपनी मजबूत स्थिति के कारण अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित हैं। जेपी मॉर्गन का M&A राजस्व 36% बढ़ा है, जबकि गोल्डमैन सैक्स का निवेश बैंकिंग राजस्व केवल 2% कम हुआ है।
- यूरोपीय बैंक अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले इक्विटी बाजार में हिस्सेदारी खो रहे हैं, जिससे बार्कलेज (BARC) जैसे बैंक विशेष रूप से दबाव में हैं।
मंदी के पीछे के कारण
विश्लेषकों का मानना है कि पूंजी बाजार में यह सुस्ती कई कारकों का परिणाम है, जिनमें प्रमुख हैं:
- लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें: मोयनिहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि बढ़ती दरों के कारण फाइनेंसिंग की मांग धीमी हो रही है, जिससे डील पाइपलाइन प्रभावित हो रही है।
- एशिया प्राइम ब्रोकरेज में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय ग्राहक बाजार की अस्थिरता के कारण जोखिम कम कर रहे हैं, जिससे फाइनेंसिंग गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
- तुलनात्मक आधार का प्रभाव: 2026 की दूसरी तिमाही में गतिविधियां अधिक थीं, जिससे मौजूदा तिमाही के आंकड़े तुलनात्मक रूप से कमजोर दिख रहे हैं।