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तेल और ट्रेजरी यील्ड में नरमी से सोने की कीमतों में उछाल

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों और गिरती ट्रेजरी यील्ड से मुद्रास्फीति की चिंताओं में कमी आने के कारण सोने की कीमतों में उछाल देखा गया। इस तेजी ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद हुए नुकसान की भरपाई करने में बुलियन की मदद की है।
बाजार की प्रमुख गतिविधियां
ट्रेडिंग सत्र के दौरान, हाजिर सोने (XAU/USD) की कीमतों में 0.5% की वृद्धि हुई, जबकि चांदी (XAG/USD) और प्लैटिनम (XPT/USD) दोनों में 1% की बढ़त दर्ज की गई। यह रिकवरी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के फैसले के बाद आई है।
इस वृद्धि के मुख्य कारण थे:
- ट्रेजरी यील्ड में गिरावट: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से बिना ब्याज वाले सोने को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो गई, जिससे यह निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गया।
- कच्चे तेल की कीमतें: तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई, जिससे ऊर्जा लागत कम होने से मुद्रास्फीति पर कुछ दबाव कम हुआ है।
फेड का रुख और निवेशक का रुझान
Adफेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श (स्रोत के अनुसार) की टिप्पणियों के बाद बाजार इस साल कम से कम एक और दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो लंबी अवधि में सोने के लिए एक चुनौती बनी हुई है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्ति पर दबाव डालती हैं।
हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, निवेशकों का सोने में विश्वास बना हुआ है। ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए गए गोल्ड-समर्थित ईटीएफ (ETFs) में अरबों डॉलर का निवेश आया है। ANZ के विश्लेषकों ने बताया कि इन फंडों में लगातार आठ सत्रों से होल्डिंग्स बढ़ी हैं, जो निवेशकों की मजबूत मांग को दर्शाता है। गुरुवार की तेजी ने सोने को उसके 100-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर धकेल दिया है, जिसे बाजार की गति का एक महत्वपूर्ण तकनीकी संकेतक माना जाता है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
बाजार में सोने के लिए मिले-जुले संकेत हैं। एक ओर, तेल और यील्ड में तत्काल राहत कीमतों को समर्थन दे रही है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व की भविष्य में और दरें बढ़ाने की संभावना एक बड़ी बाधा बनी हुई है। ईटीएफ में लगातार निवेश यह बताता है कि कुछ निवेशक अल्पकालिक मौद्रिक नीति से परे देख रहे हैं और सोने के दीर्घकालिक मूल्य पर दांव लगा रहे हैं।