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AI अर्थव्यवस्था: टोकन सस्ते, फिर भी बिल क्यों बढ़ रहे हैं?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं की कीमतें गिरने के बावजूद कंपनियों और उपयोगकर्ताओं का कुल खर्च कम नहीं हो रहा है, बल्कि वे और अधिक खपत कर रहे हैं। यह एक फीडबैक लूप बना रहा है जो इस तकनीक में निवेश को ऊंचा बनाए रख सकता है।
लागत में गिरावट, खपत में उछाल
यूबीएस (UBS) के अनुसार, एआई टोकन की लागत मई के बाद से लगभग आधी हो गई है। एलएलएम टोकन एक्सपेंडिचर इंडेक्स मई में लगभग $2 प्रति मिलियन टोकन से गिरकर अगस्त में लगभग $1 पर आ गया। ठीक इसी समय, मांग में तेजी आई है, जो "जेवन्स विरोधाभास" (Jevons paradox) को उजागर करता है, जिसमें अधिक दक्षता लागत को इतना कम कर देती है कि खपत बढ़ जाती है।
यह प्रवृत्ति विशेष रूप से ओपनराउटर (OpenRouter) जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रही है, जो सैकड़ों बड़े भाषा मॉडल तक पहुंच प्रदान करता है। यूबीएस ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर टोकन का उपयोग साल की शुरुआत से दस गुना बढ़ गया है, जबकि इसके शीर्ष 1% उपयोगकर्ताओं के बीच औसत मासिक खर्च $2,500 से बढ़कर $7,500 हो गया है।
"AI फ्लाईव्हील" प्रभाव
AI का बढ़ता उपयोग व्यापक निवेश चक्र को भी समर्थन दे रहा है। बढ़ती टोकन खपत डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग उपकरण और अन्य बुनियादी ढांचे पर तेजी से खर्च करने के तर्क को मजबूत करती है। यूबीएस इसे "AI फ्लाईव्हील" के रूप में वर्णित करता है:
Ad- सस्ता AI अधिक उपयोग को सक्षम बनाता है।
- उच्च उपयोग कंप्यूटिंग क्षमता की मांग का समर्थन करता है।
- मजबूत मांग आगे के निवेश को प्रोत्साहित करती है।
दक्षता में वृद्धि इस गति को और बढ़ा रही है। यूबीएस द्वारा उद्धृत एक इकोनॉमिस्ट अध्ययन में पाया गया कि चुनिंदा प्रदर्शन बेंचमार्क हासिल करने की टोकन लागत में साल-दर-साल लगभग 97% की गिरावट आई है।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के लिए, यूबीएस का कहना है कि टोकन की कीमतें और खपत AI अर्थव्यवस्था में गतिविधि के महत्वपूर्ण संकेतक बन गए हैं। गिरती टोकन कीमतें कमजोर खर्च का संकेत देने के बजाय, इस बात का सबूत हो सकती हैं कि AI को इतनी तेजी से अपनाया जा रहा है कि कुल टोकन खपत और खर्च बढ़ रहा है। यह AI उपयोग की घटती लागत और बुनियादी ढांचे की बढ़ती लागत के बीच एक अंतर को भी रेखांकित करता है।