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मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंध की कोशिश को झटका, अमेरिकी अपील अदालत ने लुइसियाना के तर्कों पर संदेह जताया

एक अमेरिकी अपील अदालत ने गर्भपात की गोली मिफेप्रिस्टोन तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के लुइसियाना राज्य के प्रयास पर गहरा संदेह जताया है। न्यायाधीशों ने लुइसियाना के उन तर्कों पर सवाल उठाए, जिनका उद्देश्य 2023 के एक संघीय नियम को पलटना है जो इस दवा को टेलीमेडिसिन के माध्यम से निर्धारित करने और डाक द्वारा भेजने की अनुमति देता है।
क्या है पूरा मामला?
रिपब्लिकन के नेतृत्व वाले लुइसियाना राज्य ने पिछले साल अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) पर मुकदमा दायर किया था। राज्य का तर्क है कि FDA ने 2023 में इस नियम को अपनाते समय मिफेप्रिस्टोन से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे कि रक्तस्राव और सेप्सिस, को नजरअंदाज किया। इस नियम ने दवा को व्यक्तिगत रूप से किसी चिकित्सा सुविधा से लेने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया था।
लुइसियाना के सॉलिसिटर जनरल बेन अगुइनागा ने अदालत में दलील दी कि इस नियम के कारण राज्य में हर महीने डाक द्वारा भेजी गई मिफेप्रिस्टोन से 1,000 गर्भपात हो रहे हैं, जो राज्य के गर्भपात प्रतिबंधों को कमजोर करता है। FDA, जिसने 2000 में मिफेप्रिस्टोन को मंजूरी दी थी, का कहना है कि यह दवा लाखों अमेरिकी महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी है और यह सुरक्षित और प्रभावी है।
अदालत का रुख और कानूनी दलीलें
न्यू ऑरलियन्स स्थित 5वीं यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स के तीन-न्यायाधीशों के पैनल ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या लुइसियाना के पास FDA पर मुकदमा करने का कानूनी अधिकार भी है। न्यायाधीश स्टीफन हिगिन्सन ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में हो रहे गर्भपात के लिए FDA के नियम के बजाय कई अन्य स्वतंत्र कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
Adअदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मामले में हस्तक्षेप कर चुका है, जिसने इस नियम पर लगी एक अस्थायी रोक को हटा दिया था। इससे यह संकेत मिलता है कि उच्च अदालतों का झुकाव दवा तक पहुंच बनाए रखने की ओर है। दवा बनाने वाली कंपनियों GenBioPro और Danco Laboratories के वकीलों ने भी दवा को सुरक्षित बताते हुए FDA के फैसले का बचाव किया।
बाजार और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस कानूनी लड़ाई का सीधा असर दवा निर्माताओं और व्यापक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर पड़ सकता है। यदि मिफेप्रिस्टोन तक पहुंच प्रतिबंधित होती है, तो यह दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका होगा और फार्मास्युटिकल एवं टेलीहेल्थ क्षेत्रों में विनियामक अनिश्चितता पैदा करेगा।
गर्भपात अधिकार समर्थक समूह गुटमैकर इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में होने वाले 60% से अधिक गर्भपात में दवा (मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल) का उपयोग होता है, जो इसके बाजार के महत्व को दर्शाता है। निवेशक इस मामले पर करीब से नजर रख रहे हैं क्योंकि इसका अंतिम फैसला FDA की विनियामक शक्तियों और टेलीमेडिसिन के भविष्य पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।