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बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरें बढ़ाईं, फिर भी येन में गिरावट; बाजार को और आक्रामक रुख की उम्मीद

Summary
बैंक ऑफ जापान ने उम्मीद के मुताबिक अपनी प्रमुख ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, लेकिन येन डॉलर के मुकाबले कमजोर हो गया क्योंकि बाजार को भविष्य में और तेज सख्ती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले।
बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 1.25% कर दिया है, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। हालांकि, इस फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने इस कदम को भविष्य में तेज मौद्रिक सख्ती के लिए अपर्याप्त संकेत माना।
बाजार की प्रतिक्रिया और येन पर दबाव
यह दर वृद्धि 1990 के बाद से सबसे तेज सख्ती का प्रतीक है, लेकिन बाजार पर इसका सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। येन डॉलर के मुकाबले 0.7% गिरकर 157.09 पर आ गया। इसकी मुख्य वजह यह है कि 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी पहले से ही कीमतों में शामिल थी और बाजार एक अधिक "आक्रामक" (hawkish) रुख की उम्मीद कर रहा था।
- नीतिगत विभाजन: BOJ की नीति समिति में यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जिसमें दो सदस्यों ने इस वृद्धि का विरोध किया। इस विभाजन ने बाजार की उन उम्मीदों को कमजोर कर दिया कि बैंक भविष्य में तेजी से दरें बढ़ाना जारी रखेगा।
- ब्याज दर का अंतर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा हाल ही में दरें बढ़ाने के बाद, अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दर का अंतर बना हुआ है, जो डॉलर को येन के मुकाबले आकर्षक बनाए रखता है।
Adवैश्विक संदर्भ और भविष्य का दृष्टिकोण
BOJ का यह कदम फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा हाल ही में की गई दर वृद्धियों के बाद आया है, जो वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई की चिंताओं को दर्शाता है। उच्च ऊर्जा की कीमतें इस नीतिगत बदलाव की एक प्रमुख पृष्ठभूमि हैं, जिसने दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों को सख्ती बरतने के लिए मजबूर किया है।
रणनीतिकारों का मानना है कि अगर निवेशक यह मानते हैं कि BOJ की सख्ती की गति फेडरल रिजर्व के बराबर नहीं होगी, तो डॉलर-येन की जोड़ी 160 के स्तर की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, बाजार की नजर अब BOJ के गवर्नर काज़ुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर होगी, जिससे भविष्य की नीति के बारे में और संकेत मिल सकते हैं। इसके अलावा, यदि येन में बहुत तेजी से गिरावट आती है तो अमेरिका और जापान द्वारा मुद्रा बाजार में संयुक्त हस्तक्षेप का जोखिम भी एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।