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BofA सर्वेक्षण: येन के प्रति मंदी की धारणा चार साल के चरम पर, नीतिगत चिंताएं हावी

Summary
बैंक ऑफ अमेरिका के एक सर्वेक्षण के अनुसार, जापानी येन के प्रति निवेशकों की धारणा चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि जापान की मौद्रिक और राजकोषीय नीति को लेकर चिंताएं आधिकारिक हस्तक्षेप के जोखिम पर भारी पड़ रही हैं।
बैंक ऑफ अमेरिका ग्लोबल रिसर्च के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, जापानी येन के प्रति निवेशकों का नजरिया पिछले चार वर्षों में अपने सबसे निराशावादी स्तर पर आ गया है। यह गिरावट जापान के मौद्रिक और राजकोषीय दृष्टिकोण पर बढ़ती चिंताओं के कारण है, जो अब अधिकारियों द्वारा मुद्रा में हस्तक्षेप के जोखिम से भी बड़ी चिंता बन गई है।
नीतिगत अनिश्चितता प्रमुख कारण
BofA के जुलाई सर्वेक्षण से पता चलता है कि येन में और कमजोरी की उम्मीद करने वाले उत्तरदाताओं ने मुख्य रूप से बैंक ऑफ जापान (BoJ) और राजकोषीय नीति से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। ये कारक ब्याज दरों के घटते अंतर या मूल्यांकन जैसे तर्कों से कहीं आगे निकल गए हैं।
यह भावना ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन 1986 के बाद के सबसे कमजोर स्तरों के करीब कारोबार कर रहा है। इसके कारण बाजार में टोक्यो द्वारा अपनी मुद्रा को समर्थन देने के लिए संभावित हस्तक्षेप को लेकर लगातार सतर्कता बनी हुई है।
सट्टेबाजों की आक्रामक शॉर्ट पोजीशन
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि जहां समग्र निवेशक पोजीशनिंग हस्तक्षेप के डर से मामूली रूप से मंदी की ओर है, वहीं सट्टेबाजों का रुख कहीं अधिक आक्रामक है। बैंक ऑफ अमेरिका ने CFTC के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लीवरेज्ड फंड्स ने येन में अपनी शुद्ध शॉर्ट पोजीशन को 2007 के बाद के उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया है।
Adयह इस बात को रेखांकित करता है कि अधिकारियों की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद बाजार जापान की मुद्रा के खिलाफ कितना बड़ा दांव लगा रहा है। BofA का मानना है कि हस्तक्षेप के जोखिम ने शायद पोजीशनिंग को और भी अधिक मंदी की ओर जाने से रोका है।
आगे का रास्ता और बाजार का नजरिया
निवेशक इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या बैंक ऑफ जापान, अमेरिका के साथ विशाल ब्याज दर अंतर को कम करने के लिए पर्याप्त रूप से आक्रामक मौद्रिक सख्ती करेगा। हालांकि सर्वेक्षण में शामिल लोगों का मानना है कि BoJ अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में बाजार की अपेक्षा से अधिक दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, फिर भी यह गति येन को ठोस समर्थन देने के लिए अपर्याप्त मानी जा रही है।
बाजार की नजर अब बैंक ऑफ जापान की 30-31 जुलाई को होने वाली नीतिगत बैठक पर है। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को ऊंचा रखने की उम्मीदों ने डॉलर को मजबूती प्रदान की है, जिससे येन पर दबाव और बढ़ गया है।