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अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक दोगुना करने से बाजार स्थिर, डॉलर में गिरावट

Summary
अमेरिकी ट्रेजरी ने अप्रत्याशित रूप से बॉन्ड बायबैक की मात्रा दोगुनी कर दी है, जिससे सरकारी बॉन्ड बाजार को सहारा मिला है, लेकिन डॉलर में तेज गिरावट आई है। यह कदम लंबी अवधि की यील्ड्स में दशकों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अगले दो महीनों के लिए अपने बॉन्ड बायबैक (पुनर्खरीद) की राशि को दोगुना कर दिया है, जिससे बुधवार को अस्थिर सरकारी ऋण बाजार को स्थिरता मिली। इस घोषणा के बाद लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड्स में नरमी आई, लेकिन अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट दर्ज की गई।
ट्रेजरी का अप्रत्याशित कदम
यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला था क्योंकि सिर्फ दो हफ्ते पहले जारी ट्रेजरी की तिमाही रिफंडिंग योजनाओं में इस तरह के किसी बड़े बायबैक का कोई जिक्र नहीं था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम हाल ही में ऋण बाजारों में आए तूफान के जवाब में उठाया गया है, जहां लंबी अवधि की यील्ड्स दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।
इस योजना के तहत, ट्रेजरी पुरानी और कम कारोबार वाली लंबी अवधि की परिपक्वता वाले बॉन्ड की पुनर्खरीद करेगी। इस कदम से 20-वर्षीय ट्रेजरी नीलामी को बिना किसी बड़ी कठिनाई के पूरा करने में भी मदद मिली।
बाजार पर असर और 'ऑपरेशन ट्विस्ट'
विश्लेषक इस रणनीति को एक तरह का 'ऑपरेशन ट्विस्ट' मान रहे हैं, जहां कर्ज जुटाने का जोर लंबी अवधि से हटकर अल्पकालिक फंड पर स्थानांतरित हो सकता है। हालांकि, बायबैक से कुल उठाए जा रहे कर्ज की मात्रा नहीं बदलती है, लेकिन यह बाजार की संरचना को प्रभावित कर सकता है।
Adइस कदम के बीच, अमेरिकी सरकार का कुल कर्ज का बोझ इस सप्ताह पहली बार $40 ट्रिलियन को पार कर गया है, जो एक दशक पहले की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स से यह भी संकेत मिलता है कि नीति निर्माता आक्रामक रुख बनाए हुए हैं, जिसका अर्थ है कि अल्पकालिक कर्ज सेवा की लागत में जल्द कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
अन्य बाजारों की प्रमुख हलचलें
बुधवार को अन्य बाजारों में भी महत्वपूर्ण गतिविधियां देखी गईं:
- डॉलर और कनाडाई डॉलर: ट्रेजरी की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई। वहीं, अमेरिका के साथ एक संभावित व्यापार सौदे की खबरों के बीच कनाडाई डॉलर में मजबूती देखी गई।
- शेयर बाजार: बॉन्ड बाजार में स्थिरता आने से शेयर बाजारों को भी सहारा मिला। फार्मा कंपनी मॉडर्ना (Moderna) के शेयर की कीमत लगभग तीन गुनी हो गई, जब उसने मर्क (Merck) के साथ त्वचा कैंसर के टीके में एक बड़ी सफलता की घोषणा की।
- कच्चा तेल: कच्चे तेल की कीमतें हाल के उच्च स्तर से नीचे हैं, लेकिन रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से यूरोपीय डीजल की कीमतें 70% से अधिक और अमेरिकी गैसोलीन की कीमतें लगभग 60% बढ़ गई हैं, जिसका मुख्य कारण रिफाइनिंग क्षमता में भारी गिरावट है।