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अमेरिकी नॉन-फार्म डेटा उम्मीद से बेहतर, सितंबर में दर वृद्धि की संभावना 60% के पार

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Sep 5, 20262 min read
अमेरिकी नॉन-फार्म डेटा उम्मीद से बेहतर, सितंबर में दर वृद्धि की संभावना 60% के पार
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अगस्त में अमेरिकी रोज़गार वृद्धि के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज़्यादा मज़बूत आए हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, विश्लेषकों और निवेशकों का मानना है कि दर वृद्धि पर अंतिम फैसला अगले सप्ताह जारी होने वाले महत्वपूर्ण महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा, जो फेड के लिए असली परीक्षा होगी।

रोज़गार बाज़ार में अप्रत्याशित मज़बूती

अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में नॉन-फार्म पेरोल में 1,62,000 नौकरियों की वृद्धि हुई। यह आंकड़ा मीडिया सर्वेक्षण में शामिल सभी अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से अधिक है। इसके साथ ही, बेरोज़गारी दर 4.1% पर स्थिर बनी रही।

इस रिपोर्ट में जुलाई के रोज़गार आंकड़ों को भी ऊपर की ओर संशोधित किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी श्रम बाज़ार पहले के अनुमानों की तुलना में अधिक मज़बूत और लचीला है। यह मज़बूती फेडरल रिजर्व को मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए और अधिक गुंजाइश प्रदान करती है।

बाज़ार की प्रतिक्रिया और फेड का रुख

इन मज़बूत आंकड़ों के तुरंत बाद, बाज़ार ने फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर दांव बढ़ा दिया। फेडरल फंड्स फ्यूचर्स प्राइसिंग के अनुसार, निवेशकों ने इस महीने दर वृद्धि की संभावना को पहले के लगभग 50% से बढ़ाकर 60% से अधिक कर दिया है।

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हालांकि, कई विश्लेषकों का मानना है कि केवल रोज़गार के आंकड़े ही फेड को कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं। BMO कैपिटल मार्केट्स के रणनीतिकार वेल हार्टमैन ने कहा कि यह डेटा फेड के भीतर आक्रामक रुख (हॉकिस) वाले सदस्यों का समर्थन करता है, लेकिन यह "सितंबर में दर वृद्धि के लिए एक निर्णायक कारण नहीं है।"

नज़रें अब महंगाई के आंकड़ों पर

विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर की नीतिगत बैठक का नतीजा अब पूरी तरह से अगले सप्ताह आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिका है। फेड के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार लक्ष्य से ऊपर बनी हुई मुद्रास्फीति है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो गुरुवार को उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और शुक्रवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े जारी करेगा।

  • अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज़्यादा आते हैं: इससे फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के अधिक सदस्यों पर दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है।
  • अगर महंगाई में नरमी दिखती है: तो फेडरल रिजर्व संभवतः ब्याज दरों को स्थिर रखने का विकल्प चुन सकता है।

फिच रेटिंग्स के अमेरिकी अर्थशास्त्र प्रमुख ओलू सोनोला ने रोज़गार रिपोर्ट को "निश्चित रूप से मज़बूत" बताया, लेकिन साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि अगले सप्ताह का CPI डेटा ही फेड की नीतिगत उम्मीदों को बदलने की क्षमता रखता है। कॉन्फ्रेंस बोर्ड की वरिष्ठ अमेरिकी अर्थशास्त्री येलेना शूल्यात्येवा के अनुसार, "सब कुछ अगले सप्ताह के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करता है।"

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