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अमेरिकी ट्रेजरी के हस्तक्षेप से बॉन्ड बाजार स्थिर, डॉलर पर दबाव बढ़ा

अमेरिकी डॉलर में गुरुवार को गिरावट जारी रही और यह कई महीनों के निचले स्तर के करीब बना रहा। यह कमजोरी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए हस्तक्षेप करने के बाद आई, जिसने बाजार की उथल-पुथल को प्रभावी ढंग से शांत किया और डॉलर को समर्थन देने वाले ब्याज दर के लाभ को कम कर दिया।
डॉलर इंडेक्स 0.13% गिरकर 98.80 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले कारोबारी सत्र में 0.8% की गिरावट के बाद आया था।
ट्रेजरी का हस्तक्षेप और बाजार पर असर
हाल के दिनों में वैश्विक बॉन्ड बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई। फारस की खाड़ी में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण मंगलवार को वैश्विक बॉन्ड यील्ड कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। अमेरिका में, 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.337% तक पहुंच गई, जो लगभग 19 वर्षों में इसका उच्चतम स्तर था।
बढ़ती उधारी लागत ने वैश्विक जोखिम वाली संपत्तियों पर गंभीर असर डाला, जिसके बाद बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हस्तक्षेप किया। ट्रेजरी ने लंबी अवधि के बॉन्ड के लिए अपनी पुनर्खरीद (buyback) संचालन की सीमा को $2 बिलियन से दोगुना कर कम से कम $4 बिलियन कर दिया। इस कदम ने लंबी अवधि के बॉन्ड की कीमतों को सफलतापूर्वक समर्थन दिया, जिससे 30-वर्षीय यील्ड वापस 5.18% के आसपास आ गई और डॉलर पर लगाए गए सट्टात्मक दांव कम हो गए।
प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
Adअमेरिकी यील्ड में नरमी और वैश्विक जोखिम की भावना में स्थिरता के साथ, यूरोपीय मुद्राओं ने डॉलर की कमजोरी का फायदा उठाया और महत्वपूर्ण स्तरों को पार कर लिया।
- यूरो (Euro): 0.2% बढ़कर कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि व्यापारी यूरोजोन में लगातार ऊंची मुद्रास्फीति और अगले महीने यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा संभावित ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।
- पाउंड (Pound): 0.3% की बढ़त के साथ कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिसे यूके के सरकारी बॉन्ड यील्ड की मजबूती से समर्थन मिला।
- जापानी येन (Yen): येन अपेक्षाकृत स्थिर रहा और डॉलर के मुकाबले 158.43 पर कारोबार कर रहा था। बाजार को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है, जिससे येन को समर्थन मिल रहा है।
फेड का सख्त रुख और आगे की राह
डॉलर में गिरावट के बावजूद, विदेशी मुद्रा बाजार में सतर्कता बनी हुई है। फेडरल रिजर्व की जुलाई की बैठक के मिनट्स से पता चला है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारी लगातार ऊंची मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित हैं और यदि यह 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है तो वे आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का समर्थन कर सकते हैं।
इसके अलावा, मध्य पूर्व में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $92 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जो यूरोप और एशिया में ऊर्जा आयातक देशों के लिए मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ाता है। निवेशक अब आगे के संकेतों के लिए जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के भाषणों पर नजर रख रहे हैं।