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पेंटागन के CTO ने AI कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी का विरोध किया

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Sep 16, 20261 min read
पेंटागन के CTO ने AI कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी का विरोध किया

Summary

रक्षा विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी ने कहा कि सरकार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों का राष्ट्रीयकरण या उनमें हिस्सेदारी नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इससे उद्योग को लाभ नहीं होगा।

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पेंटागन के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) एमिल माइकल ने बुधवार को कहा कि सरकार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में हिस्सेदारी नहीं लेनी चाहिए। CNBC को दिए एक बयान में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप फायदेमंद नहीं होगा।

सरकारी स्वामित्व पर चिंता

माइकल ने AI कंपनियों के राष्ट्रीयकरण या आंशिक सरकारी स्वामित्व का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि सरकार बीच में आए," और यह भी जोड़ा कि जिस उद्योग में अमेरिकी कंपनियाँ विश्व स्तर पर सबसे बड़ी हैं, उसके लिए राष्ट्रीयकरण "वास्तव में अच्छा नहीं होता है।"

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन ने निजी क्षेत्र की कई कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की है, जिसमें शामिल हैं:

  • इंटेल (Intel) में 10% हिस्सेदारी।
  • यू.एस. स्टील (U.S. Steel) में एक गोल्डन शेयर, जो अब निप्पॉन स्टील की सहायक कंपनी है।
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नियमन और बाज़ार का दृष्टिकोण

माइकल ने AI कंपनियों पर बढ़ते सरकारी नियामक निरीक्षण का भी विरोध किया। उन्होंने यूरोप के दृष्टिकोण की तरह पूर्व-नियमन (pre-regulation) का समर्थन करने वालों और कंपनियों को सुरक्षित उत्पाद जारी करने के लिए जवाबदेह ठहराने वालों के बीच तनाव का उल्लेख किया। उन्होंने हाल ही में हुए हगिंग फेस (Hugging Face) AI हैक को चिंताजनक बताया, लेकिन सवाल उठाया कि किस तरह का नियमन ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा संघीय व्यापार आयोग (Federal Trade Commission) के कानूनों को लागू किया जाएगा। माइकल ने यह भी कहा कि AI उद्योग में डर पैदा करने और तर्कहीन निर्णयों को बढ़ावा देने के लिए एक समन्वित अभियान चल रहा है, जिससे कुछ मौजूदा बड़ी कंपनियों को फायदा होता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी AI की गति धीमी करने या नियमन बढ़ाने की हालिया मांगों को एक धोखा और घोटाला बताकर खारिज कर दिया है।

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