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मेटा सितंबर में AI चिप का उत्पादन शुरू करेगी, कंप्यूटिंग क्षमता दोगुनी करने की योजना

रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक आंतरिक मेमो के अनुसार, मेटा प्लेटफॉर्म्स सितंबर से अपने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप का निर्माण शुरू करने की योजना बना रहा है। यह कदम अगले साल तक अपनी कुल कंप्यूटिंग शक्ति को दोगुना करने की कंपनी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य AI क्षमताओं को बढ़ाना और बाहरी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करना है।
चिप उत्पादन और रणनीतिक महत्व
टेक दिग्गज का यह डेटा सेंटर चिप, जिसका कोड-नेम "आइरिस" (Iris) है, कंपनी के इन-हाउस डिज़ाइन किए गए मेटा ट्रेनिंग एंड इंफेरेंस एक्सेलेरेटर्स (MTIA) प्रोजेक्ट का हिस्सा है। मेमो से पता चला है कि चिप का परीक्षण केवल छह सप्ताह में पूरा हो गया और इसमें कोई बड़ी समस्या नहीं पाई गई, जो इस इन-हाउस प्रयास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इस चिप को मेटा की विशिष्ट जरूरतों के लिए तैयार किया गया है और इसे डिजाइन करने में ब्रॉडकॉम (Broadcom) और निर्माण के लिए ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) के साथ साझेदारी की गई है। इस कदम से कंपनी को अपनी भारी कंप्यूटिंग लागत कम करने और Nvidia व AMD जैसे चिप आपूर्तिकर्ताओं से अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद मिलने की संभावना है। यह चिप इन कंपनियों से खरीदे जाने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPUs) के पूरक के रूप में काम करेगा।
कंप्यूटिंग क्षमता में भारी विस्तार
मेमो में मेटा की कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी खुलासा हुआ है। कंपनी का लक्ष्य अपनी क्षमता को काफी बढ़ाना है, जिसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
Ad- इस साल का लक्ष्य: 7 गीगावाट कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैनात करना।
- साल के अंत तक का लक्ष्य: अतिरिक्त 2.5 गीगावाट जोड़ना।
- अगले साल का कुल लक्ष्य: क्षमता को दोगुना कर 14 गीगावाट तक पहुंचाना।
इस विस्तार को पूरा करने के लिए, कंपनी ने इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर $145 बिलियन तक खर्च करने का अनुमान लगाया है।
आपूर्ति श्रृंखला और बाजार का संदर्भ
अपने विस्तार लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए, मेटा ने प्रमुख कंपोनेंट आपूर्तिकर्ताओं के साथ दीर्घकालिक, कई-वर्षीय आपूर्ति समझौते किए हैं। इनमें मेमोरी चिप्स के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लैश स्टोरेज के लिए सैनडिस्क और फाइबर-ऑप्टिक उपकरणों के लिए सुमितोमो इलेक्ट्रिक शामिल हैं।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब AI की बढ़ती मांग के कारण कंप्यूटिंग पावर और मेमोरी चिप्स की भारी कमी हो गई है, जिससे कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसे कुछ विश्लेषक "चिपफ्लेशन" (chipflation) कह रहे हैं। फॉरेस्टर के एक विश्लेषक के अनुसार, हाइपरस्केलर्स के लिए अपने स्वयं के चिप्स डिजाइन करना प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि यह उन्हें मॉडल उपयोग की कीमत पर प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देता है।