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अमेरिकी मुकदमे में हुआवेई को 'आपराधिक उद्यम' बताया गया, कंपनी ने आरोपों से इनकार किया

चीनी दूरसंचार दिग्गज हुआवेई टेक्नोलॉजीज के खिलाफ अमेरिका में एक महत्वपूर्ण आपराधिक मुकदमा शुरू हो गया है, जिसमें अभियोजकों ने कंपनी को एक "आपराधिक उद्यम" करार दिया है। ब्रुकलिन संघीय अदालत में, सरकार ने आरोप लगाया कि हुआवेई ने अमेरिकी कंपनियों से व्यापार रहस्य चुराने और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने के लिए 20 वर्षों तक एक व्यवस्थित अभियान चलाया।
अभियोजन पक्ष के गंभीर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के एक वकील, टेलर स्टाउट ने अपने शुरुआती बयान में कहा, "चोरी, झूठ, पर्दा डालना। इसी तरह हुआवेई ने अमेरिकी कंपनियों को अपना शिकार बनाया।" अभियोजन पक्ष ने जूरी को बताया कि हुआवेई ने वैश्विक दूरसंचार उद्योग पर हावी होने के अपने प्रयास में पांच अमेरिकी कंपनियों से व्यापार रहस्य चुराने की साजिश रची।
आरोपों में शामिल हैं:
- सिस्को सिस्टम्स (Cisco Systems) से इंटरनेट राउटर के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम सोर्स कोड की चोरी।
- टी-मोबाइल (T-Mobile) से फोन का परीक्षण करने वाले एक रोबोटिक आर्म की चोरी।
- ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए अपने कारोबार को गलत तरीके से प्रस्तुत करना और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली के माध्यम से लाखों डॉलर का लेनदेन करना।
स्टाउट ने कहा कि सरकार ऐसे गवाह पेश करेगी जिन्होंने "हुआवेई को अमेरिकी तकनीक चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा था," और उन्होंने एक कर्मचारी द्वारा रोबोटिक आर्म चुराने के वीडियो सबूत का भी उल्लेख किया।
Adहुआवेई का बचाव: "यह प्रतिस्पर्धा है, साजिश नहीं"
हुआवेई के वकील, ब्रायन हेबरलिग ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया और कंपनी की सफलता का एक अलग ही दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "यह प्रतिस्पर्धा के बारे में है, साजिश के बारे में नहीं। नवाचार के बारे में है, चोरी के बारे में नहीं।" बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि हुआवेई ने अपनी सफलता कड़ी मेहनत से अर्जित की है और अपराध के लिए कोई योजना नहीं थी।
हेबरलिग ने कहा कि अभियोजक वैश्विक तकनीकी कंपनियों की सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों को "आपराधिक दिखाने के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।" उन्होंने सिस्को और टी-मोबाइल से जुड़ी घटनाओं को "व्यक्तिगत कर्मचारियों के कार्यों" के रूप में वर्णित किया और कहा कि प्रबंधन ने जानकारी मिलने के बाद चीजों को ठीक करने के लिए काम किया। ईरान के संबंध में, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिन बैंकों को कथित रूप से गुमराह किया गया था, वे ईरान में हुआवेई के कारोबार के बारे में जानते थे।
मामले की पृष्ठभूमि और महत्व
यह मामला 2018 में शुरू हुआ था और तब से इसमें रैकेटियरिंग सहित कई और आरोप जोड़े गए हैं। यह मुकदमा अमेरिका और चीन के बीच चल रहे तकनीकी और आर्थिक तनाव का एक प्रमुख केंद्र बिंदु है। इस मामले में हुआवेई की मुख्य वित्तीय अधिकारी, मेंग वानझोउ की गिरफ्तारी भी शामिल थी, जिन्हें बाद में एक राजनयिक समझौते के तहत रिहा कर दिया गया था। उम्मीद है कि यह मुकदमा तीन महीने तक चलेगा और इसके नतीजे हुआवेई के वैश्विक परिचालन और प्रतिष्ठा पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।