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HSBC ने भारत को 'न्यूट्रल' पर अपग्रेड किया, चीन पर 'ओवरवेट' रुख कायम रखा

Summary
HSBC ने ऊर्जा की कीमतों में नरमी और मजबूत घरेलू खपत का हवाला देते हुए भारतीय इक्विटी को 'अंडरवेट' से 'न्यूट्रल' में अपग्रेड किया है। बैंक ने चीन पर अपना 'ओवरवेट' रुख बरकरार रखा है, जबकि एशिया में AI-संचालित रैली को लेकर सतर्कता व्यक्त की है।
HSBC ने अपनी नवीनतम एशिया इक्विटी इनसाइट्स तिमाही रिपोर्ट में भारतीय इक्विटी के लिए अपनी रेटिंग को 'अंडरवेट' से बढ़ाकर 'न्यूट्रल' कर दिया है। बैंक ने इस अपग्रेड का कारण ऊर्जा की कीमतों में नरमी से आय के जोखिमों में कमी और मजबूत घरेलू खपत को बताया है।
भारत के लिए बेहतर आउटलुक
HSBC के अनुसार, भारत का दृष्टिकोण बेहतर हुआ है क्योंकि तेल की गिरती कीमतों से कॉरपोरेट मार्जिन पर दबाव कम हुआ है और आय में कटौती की संभावना घटी है। रिपोर्ट में मजबूत क्रेडिट वृद्धि, लचीली उपभोक्ता मांग और रुपये को स्थिर करने के हालिया उपायों के बाद विदेशी निवेशकों के नए सिरे से प्रवाह की ओर भी इशारा किया गया है।
हालांकि, बैंक ने आगाह किया है कि विदेशी निवेश को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि निवेशकों का ध्यान फिर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित अवसरों पर केंद्रित हो रहा है। HSBC भारत में इन क्षेत्रों को पसंद करता है:
- निजी बैंक
- कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी
- रियल एस्टेट
- कमोडिटीज
- चुनिंदा औद्योगिक स्टॉक
चीन पर भरोसा, AI रैली पर चिंता
AdHSBC ने मुख्य भूमि चीन, हांगकांग और सिंगापुर पर अपनी 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है। बैंक को चीन में बैंकों, प्रॉपर्टी डेवलपर्स, इंटरनेट कंपनियों, फार्मास्यूटिकल्स और एनर्जी स्टोरेज में अवसर दिख रहे हैं, और उम्मीद है कि 2026 में आय वृद्धि पिछले साल की तुलना में बेहतर होगी।
इसके साथ ही, HSBC ने चेतावनी दी है कि एशिया की AI-संचालित इक्विटी रैली अब एक अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। निवेशक इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश से अतिरिक्त क्षमता (overcapacity) की स्थिति बन सकती है।
सूचकांक लक्ष्य और ASEAN पर नजरिया
HSBC ने 2026 के अंत के लिए अपने सूचकांक लक्ष्य भी अपडेट किए हैं, जिसमें सेंसेक्स के 84,000 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। अन्य प्रमुख लक्ष्यों में हांग सेंग के लिए 27,000 और सिंगापुर के STI के लिए 6,100 शामिल हैं, जो एशियाई बाजारों में औसतन लगभग 9% की बढ़त का संकेत देता है।
वहीं, ASEAN क्षेत्र पर बैंक अधिक सतर्क हो गया है। उसने मलेशिया और फिलीपींस को 'अंडरवेट' में डाउनग्रेड कर दिया है, जो इंडोनेशिया और थाईलैंड पर पहले से ही 'अंडरवेट' कॉल के साथ जुड़ गया है। इसका कारण कमजोर आय वृद्धि, नीतिगत अनिश्चितता और AI से संबंधित निवेश के सीमित अवसर बताए गए हैं।