Story
लाल सागर में हूती नाकाबंदी से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर ईरान की पकड़ मज़बूत

Summary
ईरान समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर समुद्री नाकाबंदी की घोषणा से वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में संकट गहरा सकता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पहले से मौजूद बाधाओं के साथ, यह कदम मध्य पूर्व के दोनों प्रमुख तेल निर्यात मार्गों को बंद कर सकता है।
यमन के ईरान-गठबंधन वाले हूतियों ने सऊदी अरब पर समुद्री नाकाबंदी लगाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर दबाव और बढ़ गया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पहले ही आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बड़ा संकट पैदा हो सकता है।
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर ख़तरा
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, जो लाल सागर का दक्षिणी प्रवेश द्वार है, पर यमन की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान के बाद, लाल सागर खाड़ी देशों के तेल और अन्य उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बन गया था। इस मार्ग में किसी भी गंभीर रुकावट का मतलब होगा कि मध्य पूर्व के दोनों प्रमुख तेल निर्यात मार्ग एक साथ बंद हो जाएँगे।
होर्मुज़ में ईरान की नाकाबंदी के बाद, सऊदी अरब ने अपने सामान्य दैनिक कच्चे तेल के निर्यात का 70% से अधिक लाल सागर के यानबु बंदरगाह की ओर मोड़ दिया था। हाल के हफ्तों में, केपलर (Kpler) और सिग्नल ओशन (Signal Ocean) के आंकड़ों के अनुसार, यानबु से शिपमेंट औसतन 4 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) तक पहुँच गया, जो एक साल पहले लगभग 973,000 bpd था।
केपलर के आंकड़ों के अनुसार, जून में बाब अल-मंदेब से गुज़रने वाले कुल पेट्रोलियम की मात्रा 7.4 मिलियन bpd थी, जो वैश्विक तेल उत्पादन का लगभग 7% है। पिछले साल यह आंकड़ा 4.2 मिलियन bpd था। इस वैकल्पिक मार्ग ने ऊर्जा बाज़ार को एक बड़ी राहत प्रदान की थी और वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद की थी।
हूती और ईरान की भूमिका
Adहूती यमन का एक ईरान-गठबंधन वाला सैन्य और राजनीतिक आंदोलन है, जो एक दशक से अधिक समय से सऊदी समर्थित सरकार के ख़िलाफ़ गृह युद्ध में शामिल है। ईरान हूतियों को अपने क्षेत्रीय "प्रतिरोध की धुरी" (Axis of Resistance) का हिस्सा मानता है, जिसमें लेबनान का हिजबुल्लाह और इराकी शिया मिलिशिया भी शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बाब अल-मंदेब पर समूह का रुख उसकी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं से प्रेरित है या ईरान के इशारे पर किया जा रहा है।
पिछला संदर्भ और बाज़ार पर प्रभाव
नवंबर 2023 में, हूतियों ने लाल सागर में शिपिंग पर हमले शुरू कर दिए थे, जिससे वैश्विक शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इसके चलते मersk (Maersk) और Hapag-Lloyd जैसी प्रमुख कंपनियों को अफ़्रीका के चारों ओर से लंबे और महंगे मार्ग का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
स्वेज़ नहर प्राधिकरण के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 के स्तर की तुलना में 2025 में स्वेज़ नहर के माध्यम से यातायात में 52% की गिरावट आई है, जो कम से कम 50 वर्षों में सबसे कम है। हालांकि हाल ही में कुछ शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के मार्गों को फिर से शुरू किया था, लेकिन इस नई नाकाबंदी की धमकी ने फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी है।