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यूरोपीय गैस की कीमतों में फिर से उछाल, भंडारण की कमी और ECB की सख्ती मुख्य कारण

Summary
सर्दियों के लिए अपर्याप्त भंडारण और यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों के कारण यूरोप में थोक प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ गई हैं।
यूरोप और ब्रिटेन में थोक प्राकृतिक गैस की कीमतें बुधवार को फिर से बढ़ गईं, जिसका मुख्य कारण सर्दियों के लिए अपर्याप्त गैस भंडारण और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा मुद्रास्फीति को लेकर जताई गई चिंताएं हैं। Investing.com की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन कारकों ने ऊर्जा बाजार में सतर्कता का माहौल बना दिया है।
कीमतों में उछाल और आपूर्ति की चिंता
यूरोपीय गैस के बेंचमार्क, डच TTF के महीने-दर-महीने के अनुबंध में 2.7% की वृद्धि हुई और यह लगभग 82.00 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा (MWh) पर पहुंच गया। इसी तरह, ब्रिटेन का NBP प्राकृतिक गैस अनुबंध 2.5% बढ़कर 203.00 पेंस प्रति थर्म के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो कई वर्षों का एक नया उच्च स्तर है।
इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य कारण हैं:
- कम भंडारण स्तर: यूरोपीय संघ के भूमिगत गैस भंडारण गृह वर्तमान में केवल 68% भरे हुए हैं। यह पांच साल के मौसमी औसत से लगभग 16 प्रतिशत अंक कम है, जो सर्दियों के दौरान आपूर्ति में व्यवधान का गंभीर खतरा पैदा करता है।
- LNG आपूर्ति में बाधाएं: फारस की खाड़ी के माध्यम से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के शिपमेंट में रुकावटों के कारण आपूर्ति की तंगी और बढ़ गई है।
मुद्रास्फीति पर ECB का कड़ा रुख
Adप्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतें यूरोजोन में मुद्रास्फीति का एक प्रमुख चालक बन गई हैं, जिससे यूरोपीय सेंट्रल बैंक को सीधे चेतावनी जारी करनी पड़ी है। अगस्त में यूरोजोन की वार्षिक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 3.3% हो गई, जिसमें ऊर्जा की कीमतों में 14.3% की भारी वृद्धि का बड़ा योगदान था।
मुद्रास्फीति के इस दबाव के जवाब में, ECB ने पिछले सप्ताह अपनी जमा दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 2.50% कर दिया। ECB की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य पीटर काज़िमिर ने चेतावनी दी कि कच्चे तेल के बजाय गैस और बिजली की लागत अब यूरोजोन की मूल्य स्थिरता के लिए सबसे बड़ा जोखिम है।
बाजार का Ausblick
यह मूल्य वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब निवेशक और व्यापारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले का इंतजार कर रहे हैं। ऊर्जा व्यापारियों का मानना है कि जब तक वैश्विक आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्राकृतिक गैस की थोक कीमतों पर एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रीमियम बना रहेगा। निवेशकों के लिए इसका मतलब यह है कि उच्च ऊर्जा लागत निकट भविष्य में आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण को प्रभावित करना जारी रख सकती है।