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अमेरिकी टोकन बिक्री पर मुकदमे में कॉइनबेस की बड़ी जीत, अधिकांश दावे खारिज

Summary
अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, कॉइनबेस को एक बड़े ग्राहक मुकदमे में महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने उन दावों को खारिज कर दिया है जो उसके 99.97% ट्रेडिंग वॉल्यूम से संबंधित थे।
अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, कॉइनबेस (Coinbase), को ग्राहकों द्वारा दायर एक बड़े मुकदमे में एक महत्वपूर्ण जीत मिली है। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने एक्सचेंज पर अवैध रूप से प्रतिभूतियां (securities) बेचने के अधिकांश दावों को खारिज कर दिया है, जिससे कंपनी को एक बड़ी कानूनी देनदारी से राहत मिली है।
मामले का विवरण
यह मुकदमा 2021 में शुरू हुआ था, जिसमें ग्राहकों ने कॉइनबेस पर 60 से अधिक टोकन, जिनमें XRP और डॉगकॉइन (Dogecoin) शामिल थे, को अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया था। वादी पक्ष का तर्क था कि ये टोकन अपंजीकृत प्रतिभूतियां थीं और कॉइनबेस ने एक एक्सचेंज या ब्रोकर-डीलर के रूप में पंजीकरण किए बिना इनका व्यापार किया।
अदालत का महत्वपूर्ण फैसला
मैनहट्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल एंगेलमेयर (Paul Engelmayer) ने अपने फैसले में कॉइनबेस पर होने वाले दो प्रकार के लेनदेन के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर किया। इस अंतर ने मुकदमे के परिणाम को निर्धारित किया।
Ad- 'मैच्ड' लेनदेन (Matched Transactions): अदालत ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया जो 'मैच्ड' लेनदेन पर आधारित थे, जहां कॉइनबेस ग्राहकों के खरीद और बिक्री के ऑर्डर का मिलान करता है। ये लेनदेन कॉइनबेस के कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का लगभग 99.97% हिस्सा हैं, जो सैकड़ों अरब डॉलर के बराबर है। न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि इन मामलों में कॉइनबेस एक 'वैधानिक विक्रेता' (statutory seller) नहीं था क्योंकि उसने सीधे टोकन का स्वामित्व खरीदारों को हस्तांतरित नहीं किया।
- 'इन्वेंट्री' लेनदेन (Inventory Transactions): हालांकि, न्यायाधीश ने उन दावों पर सुनवाई जारी रखने की अनुमति दी है जहां कॉइनबेस ने अपनी खुद की इन्वेंट्री से टोकन बेचे। ये लेनदेन कम से कम $178 मिलियन के हैं और कुल वॉल्यूम का एक बहुत छोटा हिस्सा हैं। इन मामलों में, अदालत ने माना कि कॉइनबेस एक वैधानिक विक्रेता के रूप में काम कर रहा था क्योंकि उसने खरीदारों को टोकन का मालिकाना हक (title) सीधे हस्तांतरित किया था।
बाजार और निवेशकों के लिए मायने
यह फैसला कॉइनबेस के लिए एक बड़ी कानूनी राहत है, क्योंकि यह उसे सैकड़ों अरब डॉलर के संभावित हर्जाने से बचाता है। इस मामले का नतीजा 1933 के अमेरिकी प्रतिभूति अधिनियम (U.S. Securities Act of 1933) के तहत 'वैधानिक विक्रेता' की परिभाषा पर निर्भर करता था।
यह निर्णय क्रिप्टोकरेंसी उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक्सचेंजों की देनदारियों को स्पष्ट करने में मदद करता है। क्रिप्टो ट्रेड ग्रुप डिजिटल चैंबर (Digital Chamber) ने कॉइनबेस का समर्थन किया था और चेतावनी दी थी कि 'वैधानिक विक्रेता' की एक बहुत व्यापक परिभाषा नवाचार को बाधित कर सकती है और व्यापार को गैर-अमेरिकी एक्सचेंजों की ओर धकेल सकती है।