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फेड के आक्रामक रुख की आशंका से सिटी ने गोल्ड में निवेश घटाया

Summary
सिटी ने अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करते हुए गोल्ड में अपना एक्सपोजर कम कर दिया है। बैंक को अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका है, जो पहले की नरम नीति की उम्मीदों के विपरीत है।
प्रमुख वैश्विक बैंक सिटी (Citi) ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति पर अपने बदलते दृष्टिकोण के बाद अपने GMS पोर्टफोलियो और संपत्ति आवंटन में गोल्ड होल्डिंग्स को कम कर दिया है। यह कदम बाजार में उस बढ़ती आशंका को दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।
रणनीति में बदलाव
पहले, सिटी ने फेड के नरम रुख और अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बायबैक की घोषणा की उम्मीदों के आधार पर स्पॉट गोल्ड में लॉन्ग पोजीशन (कीमत बढ़ने की उम्मीद में खरीदारी) बनाई थी। बैंक का मानना था कि ये कारक सोने की कीमतों का समर्थन करेंगे, जो एक गैर-ब्याज वाली संपत्ति है और कम दरों के माहौल में आकर्षक हो जाती है।
हालांकि, जैक्सन होल संगोष्ठी के बाद के घटनाक्रमों ने इस निवेश के तर्क को बदल दिया। ऊर्जा की कीमतों में उछाल के साथ-साथ फेड की अधिक आक्रामक नीति की ओर बाजार का झुकाव, सोने के लिए निकट-अवधि के दृष्टिकोण को कमजोर करता है।
Adबाजार के लिए मायने
सिटी के अर्थशास्त्रियों को अब फेड द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसके कारण सोने में एक्सपोजर कम करने का निर्णय लिया गया। बैंक ने इस स्थिति में बदलाव की व्याख्या करते हुए कहा कि अमेरिकी ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए प्राथमिक चालक हैं।
निवेशकों के लिए, यह कदम इस बात को रेखांकित करता है कि सोने की कीमतें केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के प्रति कितनी संवेदनशील हैं। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसी संपत्ति को रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है, क्योंकि निवेशक बांड जैसे निश्चित आय वाले साधनों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसके विपरीत, जब दरें कम होती हैं, तो सोना अधिक आकर्षक हो जाता है।