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पनीर के नामों पर विवाद: अमेरिका-मेक्सिको व्यापार वार्ता में बना बाधा

Summary
अमेरिका और मेक्सिको के बीच व्यापार वार्ता पनीर के नामों पर हुए एक विवाद के कारण अटक गई है। यह विवाद मेक्सिको द्वारा यूरोपीय संघ के साथ किए गए एक समझौते से उपजा है, जो 'परमेसन' और 'फेटा' जैसे नामों को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है।
अमेरिका और मेक्सिको के बीच चल रही महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता में पनीर के नामों को लेकर एक अप्रत्याशित बाधा उत्पन्न हो गई है। यह गतिरोध मेक्सिको और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए एक नए व्यापार समझौते के कारण पैदा हुआ है, जो कई यूरोपीय उत्पादों के नामों को भौगोलिक सुरक्षा प्रदान करता है।
विवाद का मूल कारण
इस विवाद की जड़ मई में मेक्सिको और यूरोपीय संघ के बीच हस्ताक्षरित एक व्यापार सौदा है। इस सौदे के तहत, कुछ विशेष क्षेत्रों से जुड़े यूरोपीय उत्पादों, जैसे कि परमिगियानो रेगियानो (Parmigiano Reggiano), फेटा (feta) और मानचेगो (manchego), के नामों को विशेष सुरक्षा दी गई है।
वाशिंगटन ने इस पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया है कि यह समझौता भविष्य में अमेरिकी उत्पादकों को मेक्सिको में परमेसन (parmesan) और फेटा जैसे नामों से पनीर बेचने से रोकेगा। अमेरिका का लंबे समय से यह मानना रहा है कि ये नाम सामान्य (generic) हैं, जबकि यूरोपीय संघ का कहना है कि 'परमेसन' नाम केवल उत्तरी इटली में बने पनीर के लिए और 'फेटा' ग्रीस के कुछ हिस्सों में बने पनीर के लिए ही आरक्षित होना चाहिए। अमेरिकी डेयरी निर्यात परिषद के कार्यकारी उपाध्यक्ष जैमे कास्टानेडा के अनुसार, "मेक्सिको ने जो किया वह पूरी तरह से गलत है।"
बाजार पर असर और दांव पर क्या है
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और मेक्सिको एक अंतरिम व्यापार सौदे को अंतिम रूप देने के लिए द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं। इन उच्च-स्तरीय वार्ताओं ने अमेरिका को इस मुद्दे पर दबाव बनाने का एक बड़ा अवसर दिया है, क्योंकि मेक्सिको का बाजार अमेरिकी पनीर निर्यातकों के लिए अरबों डॉलर का है।
Ad- अमेरिकी निर्यात: अमेरिका सालाना लगभग $1 बिलियन का पनीर मेक्सिको को निर्यात करता है।
- यूरोपीय संघ का निर्यात: इसकी तुलना में, मेक्सिको को यूरोपीय संघ का कुल डेयरी निर्यात केवल $200 मिलियन का है।
हालांकि मेक्सिको-यूरोपीय संघ संधि पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन इसे प्रभावी होने के लिए अभी भी मेक्सिको के सांसदों द्वारा अनुमोदित किया जाना बाकी है। वहीं, यूरोपीय आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि समझौते की शर्तों को बदलना संभव नहीं होगा।
अमेरिका बनाम यूरोपीय संघ का दृष्टिकोण
यह टकराव कृषि संस्कृतियों के बीच एक बड़े अंतर को भी दर्शाता है: अमेरिका का बड़े पैमाने पर उत्पादन मॉडल बनाम यूरोपीय संघ की संरक्षित क्षेत्रीय परंपराएं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने पहले भी यूरोपीय संघ की भौगोलिक संकेतक (GI) प्रणाली को "हानिकारक" बताया है। USTR का कहना है कि यह गैर-यूरोपीय संघ उत्पादकों पर "इमिटेशन फेटा" जैसे विवरणों का उपयोग करने के लिए अनावश्यक लागत डालता है और यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका के $1.2 बिलियन के पनीर व्यापार घाटे में योगदान देता है।
दूसरी ओर, यूरोपीय उत्पादकों का तर्क है कि उनके छोटे पैमाने के उत्पादन से ही उनके उत्पादों को "आकर्षण और अनूठी पहचान" मिलती है। मेक्सिको के कुछ पनीर विक्रेता भी यूरोपीय संघ के साथ हुए सौदे का समर्थन करते हैं, क्योंकि इससे यूरोपीय चीज़ पर टैरिफ कम होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल सकेंगे।