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बिल ऐकमैन का दांव: माइक्रोसॉफ्ट के लिए गूगल को छोड़ा, अब तक गलत लेकिन बुनियाद मजबूत

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Jul 20, 20262 min read
बिल ऐकमैन का दांव: माइक्रोसॉफ्ट के लिए गूगल को छोड़ा, अब तक गलत लेकिन बुनियाद मजबूत

Summary

बिल ऐकमैन के हेज फंड ने 2026 की पहली तिमाही में गूगल के शेयर बेचकर माइक्रोसॉफ्ट में निवेश किया। यह फैसला अब तक बाजार में महंगा पड़ा है, लेकिन मूल्यांकन और बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर यह लंबी अवधि में सही साबित हो सकता है।

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Background

दिग्गज निवेशक बिल ऐकमैन के हेज फंड पर्शिंग स्क्वायर ने 2026 की पहली तिमाही में अपने पोर्टफोलियो में एक बड़ा बदलाव करते हुए अल्फाबेट (गूगल) में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी बेचकर माइक्रोसॉफ्ट के शेयर खरीदे। हालांकि, यह फैसला अल्पावधि में बाजार के रुझान के खिलाफ गया है, लेकिन बुनियादी वित्तीय संकेतकों के आधार पर यह लंबी अवधि में सही साबित हो सकता है।

अब तक महंगा सौदा

2026 की पहली तिमाही में इस बदलाव के बाद से, बाजार के आंकड़े ऐकमैन के पक्ष में नहीं रहे हैं। इस साल अब तक, माइक्रोसॉफ्ट (MSFT) का शेयर -18.7% गिरा है, जबकि अल्फाबेट (GOOGL) के शेयर में +9.4% की बढ़त देखी गई है। यह अंतर इस सौदे को निकट अवधि में एक महंगा निर्णय साबित करता है।

इस बीच, गूगल को अन्य बड़े निवेशकों से भी समर्थन मिला है। वॉरेन बफेट की बर्कशायर हैथवे ने अल्फाबेट में लगभग 31 अरब डॉलर का नया निवेश किया और कीबैंक (KeyBanc) ने भी गूगल के लिए अपना लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर $445 कर दिया है। ये घटनाएं उस स्टॉक में विश्वास को दर्शाती हैं जिसे ऐकमैन ने बेचा है।

ऐकमैन के फैसले के पीछे का तर्क

बाजार की मौजूदा प्रतिक्रिया के बावजूद, ऐकमैन का दांव मजबूत बुनियादी सिद्धांतों, खासकर मूल्यांकन पर आधारित है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल की तुलना में कई प्रमुख मैट्रिक्स पर आकर्षक नजर आता है।

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  • मूल्यांकन: माइक्रोसॉफ्ट का EV/EBITDA (एंटरप्राइज वैल्यू/ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) 15.9x है, जो गूगल के 25.4x की तुलना में काफी कम है।
  • फ्री कैश फ्लो: माइक्रोसॉफ्ट की फ्री कैश फ्लो यील्ड 2.5% है, जबकि गूगल की 1.5% है, जो निवेशकों के लिए बेहतर नकदी सृजन का संकेत है।
  • मार्जिन और वृद्धि: दोनों कंपनियों की राजस्व वृद्धि (~18%) लगभग बराबर है, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट का शुद्ध मार्जिन (39.3%) गूगल (37.9%) से थोड़ा बेहतर है।

ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट अब अपने 5-साल के औसत 29x की तुलना में अगले बारह महीनों की कमाई के लगभग 20 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इस गुणवत्ता वाली कंपनी के लिए एक दुर्लभ अवसर है।

चुनौतियां और आगे का रास्ता

दोनों तकनीकी दिग्गजों के सामने अपनी-अपनी चुनौतियां हैं। गूगल को जेमिनी 3.5 प्रो में देरी और यूरोपीय संघ के नियामक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के लिए भारी पूंजीगत व्यय (CapEx) और OpenAI पर निर्भरता का जोखिम प्रमुख चिंताएं हैं। इस सौदे ने पर्शिंग स्क्वायर के प्रदर्शन पर भी असर डाला है, जिससे पहली तिमाही में फंड की NAV में लगभग 15.9% की गिरावट आई है।

यह स्थिति वैल्यू (मूल्य) और मोमेंटम (गति) के बीच एक क्लासिक तनाव को दर्शाती है। Investing.com के फेयर वैल्यू मॉडल के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर में मौजूदा स्तर से +21.8% की बढ़त की संभावना है, जबकि गूगल का शेयर पहले से ही -12.7% ओवरवैल्यूड दिख रहा है। ऐकमैन की इस रणनीति की असली परीक्षा 29 जुलाई को आने वाले माइक्रोसॉफ्ट के तिमाही नतीजों से होगी, जिसमें Azure AI की वृद्धि दर एक निर्णायक उत्प्रेरक होगी।

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